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अठावले बोले- एससी/एसटी एक्ट में बदलाव की मांग के बजाय सवर्ण खुद को बदलें

केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने कहा, 'एसएसटी एक्ट दलितों पर होने वाले हमलों को रोकने के लिए है. अगर दलितों पर हमले होंगे तो उससे बचाव के लिए कोई कानून होना ही चाहिए.

रामदास अठावले और पीएम मोदी रामदास अठावले और पीएम मोदी

एससी/एसटी एक्ट के खिलाफ गुरुवार को हुए प्रदर्शन पर केंद्र सरकार ने कहा कि वह इस कानून का दुरुपयोग नहीं होने देगी. केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री रामदास अठावले ने शुक्रवार को कहा कि सरकार किसी दबाव में एससी/एसटी एक्ट में बदलाव नहीं करेगी, लेकिन हम यह वादा करते हैं कि इसका कोई बेजा इस्तेमाल नहीं होने देंगे. उन्होंने यह भी कहा कि इस एक्ट में बदलाव की मांग करने की बजाय सवर्णों को खुद को बदलना चाहिए.

रामदास अठावले ने कहा, 'यह कानून दलितों पर होने वाले हमलों को रोकने के लिए है. अगर दलितों पर हमले होंगे तो उससे बचाव के लिए कोई कानून होना ही चाहिए. ऐसे लोग जो इस कानून का विरोध कर रहे हैं हम उनके साथ बैठकर बातचीत करना चाहते हैं. हम समझाने की कोशिश करेंगे.'

उन्होंने कहा कि अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम में बदलाव की मांग करने वालों को दलितों को लेकर अपने व्यवहार में बदलाव लाना चाहिए और उनसे अच्छे से पेश आना चाहिए. मंत्री ने कहा कि दलितों को और सवर्णों को मिलकर रहना होगा. खेत-खलिहान मजदूरों के साथ चलना होगा. अगर दलितों पर हमले नहीं होंगे तो यह कानून सवर्णों पर नहीं लगेगा. एससी/एसटी एक्ट के दुरुपयोग के मामले अभी तक बहुत ही कम सामने आए हैं.

बता दें कि मध्य प्रदेश, राजस्थान, बिहार और उत्तर प्रदेश सहित कुछ अन्य राज्यों में एससी-एसटी (अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति) अधिनियम के खिलाफ गुरुवार को सवर्ण प्रदर्शन के लिए सड़कों पर उतरे थे. इस दौरान कई जगह आगजनी हुई, ट्रेनों को रोका गया और सड़क जाम की गईं. स्कूल और बाजार बंद रहे. इस बंद के चलते कई जिलों में कारोबार भी काफी प्रभावित हुआ.

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