विधानसभा चुनाव के मद्देनजर कर्नाटक दौरे पर गए कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी बुधवार को चिकमंगलूर पहुंचे. वो यहां पहले श्रृंगेरी मठ गए. इसके बाद उन्होंने एक जनसभा को संबोधित किया. इस दौरान उन्होंने अपनी दादी और देश की पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को अतीत में आशीर्वाद देने के लिए चिकमंगलूर की जनता का शुक्रिया अदा किया.
दरअसल, इंदिरा गांधी 1977 में आपातकाल लगाने के बाद 1978 के लोकसभा चुनाव में चिकमंगलूर से लड़ी थीं और जीत दर्ज की थी. ये वो दौर था जब आपातकाल लगाने के लिए इंदिरा गांधी को लेकर देश में नकारात्मक माहौल पनप रहा था. राहुल ने उस चुनाव को याद करते हुए कहा कि आपने मुसीबत के समय इंदिरा जी का साथ दिया था और इस बात को मैं कभी नहीं भूल सकता. राहुल ने कहा, 'जब भी आपको मेरी जरूरत होगी, आपके एक इशारे पर मैं आपके सामने खड़ा हो जाऊंगा.'
Congress President Rahul Gandhi offered his respects at the Sharadamba Temple, Sringeri Mutt, Chikmagalur.
— Congress (@INCIndia)
मोदी को पढ़ाया धर्म का पाठ
इस दौरान राहुल गांधी ने श्रृंगेरी मठ का एक किस्सा भी सुनाया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आलोचना की. उन्होंने बताया, 'आज श्रृंगेरी मठ में दर्शन के दौरान मैंने देखा कि वहां जरूरतमंद बच्चों को पढ़ाया जाता है. मैंने उन बच्चों से पूछा कि धर्म क्या है, तब एक चौदह साल ने धर्म का अर्थ सत्यमेव जयते बताया. सभी बच्चों ने सत्य को ही धर्म की व्याख्या बताया.'
राहुल गांधी ने बच्चे का ये उदाहरण देते हुए कहा कि 14 साल के बच्चे को अपने धर्म का मतलब समझ आता है, मगर देश के प्रधानमंत्री को अपने धर्म की समझ नहीं आती है. पीएम मोदी को धर्म का पाठ पढ़ाते हुए राहुल ने आगे कहा कि हिंदुस्तान अपने प्रधानमंत्री से प्यार की भाषा सुनना चाहता है, ना कि नफरत की भाषा और यही धर्म की व्याख्या है.
Congress President Rahul Gandhi met with the Jagadguru Shankaracharya of Sringeri Mutt in Chikmagalur.
— Congress (@INCIndia)
राहुल ने ये भी कहा कि अमेरिका के राष्ट्रपति समझ सकते हैं कि हिंदुस्तान के मजदूर-किसान और आप लोगों ने हिंदुस्तान को खड़ा किया है. जबकि हमारा प्रधानमंत्री जी करोड़ों हिंदुस्तानियों का अपमान करते हैं. मोदीजी जब कहते हैं कि 70 साल में कुछ नहीं हुआ तो इसका मतलब, आपके दादा-दादी, माता-पिता ने कुछ नहीं किया.
बता दें कि कर्नाटक विधानसभा चुनाव में कम ही वक्त बचा है. ऐसे में राहुल गांधी ने गुजरात के चुनाव में सॉफ्ट हिंदुत्व का जो पैंतरा अपनाया था, उसी तर्ज पर वो कर्नाटक के दौरे करते नजर आ रहे हैं.