PM नरेंद्र मोदी ने रेडियो पर एक बार फिर 'मन की बात' कार्यक्रम के जरिए लोगों के सामने अपने विचार रखे. मोदी ने कहा कि लोकतंत्र में जनशक्ति का अपार महत्व है.
प्रधानमंत्री ने कहा कि लोगों की शक्ति पर उनका भरपूर विश्वास रहा है. उन्होंने कहा, 'इस कार्यक्रम से जरिए मैंने लोगों से बहुत-कुछ हासिल किया है.' उन्होंने कहा कि 'मन की बात' कार्यक्रम में अपील करने के बाद देश के 30 लाख लोगों ने गैस सब्सिडी छोड़ दी है. उन्होंने इसे 'साइलेंट रिवॉल्यूशन' करार दिया.
पीएम मोदी ने कहा कि पिछले साल की तुलना में खादी से बने कपड़ों की बिक्री दोगुना बढ़ चुकी है. यह खादी को बढ़ावा देने की अपील का नतीजा है. उन्होंने कहा कि इस दिवाली पर लोगों को खादी को अपने घर में जगह देनी चाहिए.
प्रधानमंत्री ने कहा, 'मेरे लिए देशवासियों के फोन कॉल बेहद मायने रखते हैं. इतने अधिक संख्या में कॉल से मैं उत्साहित हूं. 90 फीसदी बातें नई ऊर्जा पैदा करने वाली और सकारात्मक होती हैं. शिकायती बातें कम ही मिलती हैं.'
कार्यक्रम के दौरान पीएम मोदी ने पवन नाम के एक शख्स की रिकॉर्डेड आवाज सुनाई, जिसमें उन्होंने पीएम से अपील की थी कि वे लोगों से दिवाली पर मिट्टी के दीये जलाने को कहें.
प्रोग्राम में एक बच्चे की आवाज भी सुनाई गई, जिसमें उसने प्रधानमंत्री से अपील की कि साफ-सफाई के लिए सड़कों और गलियों में डस्टबिन रखा जाए, ताकि स्वच्छता अभियान ठीक से आगे बढ़ सके.
पीएम ने लोगों से चुनाव में मतदान जरूर करने का आह्वान करते हुए कहा, 'पहले मतदान, फिर जलपान. वोट डालने का काम बहुत पवित्र काम है.' उन्होंने कहा कि मतदाता सूची को अपडेट करने का काम होते रहना चाहिए. लोगों को अपना नाम लिस्ट में चेक करना चाहिए. उन्होंने चुनाव आयोग का जिक्र करते हुए कहा कि इस संस्था की भूमिका आज के दौर में काफी बदल गई है.
इस कार्यक्रम से पहले पीएम मोदी ने ट्वीट कर लोगों से कहा, 'मैंने कुछ लोगों के वॉइस मैसेज सुने. सुनकर अच्छा लगा. बहुत ही शानदार और अनोखे मैसेज मिले. ऐसे ही संदेश भेजते रहिए.' इनमें से कुछ रविवार को 'मन की बात' कार्यक्रम का हिस्सा बनेंगे.
You can also hear programme on your mobile phones, through the 'Narendra Modi Mobile App.'
— Narendra Modi (@narendramodi)
गौरतलब है कि इससे पहले बिहार चुनाव के मद्देनजर JDU-RJD व कांग्रेस के महागठबंधन ने चुनाव आयोग से इस कार्यक्रम पर रोक लगाने की मांग की थी, लेकिन था. आयोग ने केवल इतनी हिदायत दी थी कि चुनाव पूरे होने तक 'मन की बात' में बिहार से जुड़े मुद्दे नहीं उठाए जा सकेंगे.