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क्या इस मूवी से मिला सरकार को मोटा जुर्माना लगाने का आइडिया? सोशल मीडिया पर सवाल

मोदी सरकार की ओर से मोटर व्हीकल एक्ट में किए गए संशोधन के बाद देश के अधिकांश राज्यों में एक सितंबर से ट्रैफिक नियमों को तोड़ने वालों से कई गुना ज्यादा जुर्माना वसूला जा रहा है. इस पर 2018 में आई महेश बाबू की एक फिल्म का सीन शेयर कर लोग पूछ रहे- क्या गडकरी ने यहां आइडिया लिया...

सरकार ने 1 सितंबर से ट्रैफिक जुर्माना कई गुना बढ़ाया है. (फाइल फोटो-PTI) सरकार ने 1 सितंबर से ट्रैफिक जुर्माना कई गुना बढ़ाया है. (फाइल फोटो-PTI)

  • एक सितंबर से देश में लागू हुईं हैं ट्रैफिक जुर्माने की नई दरें
  • जुर्माना बढ़ाकर ट्रैफिक ठीक करने का फिल्म में सामने आया था आइडिया
  • वर्ष 2018 में आई महेश बाबू की फिल्म का अब वायरल हो रहा सीन

केंद्र सरकार की ओर से ट्रैफिक नियमों को तोड़ने पर कई गुना ज्यादा जुर्माना लगाए जाने पर दक्षिण भारत की एक फिल्म का सीन सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. ‘भारत अने नेनू’ नामक इस फिल्म में मुख्यमंत्री का रोल करने वाले एक्टर महेश बाबू शहर में ट्रैफिक की भारी समस्या आने पर कई गुना ज्यादा जुर्माना लगाते हैं. शुरुआत में जनता नाराज तो होती है, मगर बाद में ट्रैफिक व्यवस्था दुरुस्त होने पर नाराजगी दूर हो जाती है. वायरल हुए सीन में यह भी दिखाया गया है कि नियम तोड़ने पर जब एक बाइक सवार पर मोटा जुर्माना लगता है तो वह कहता है-...इतनी तो मेरी सेलरी भी नहीं है.

दरअसल, वर्ष 2018 में साउथ के सुपरस्टार महेश बाबू की तेलगू फिल्म ‘भारत अने नेनू’ रिलीज हुई थी. यह फिल्म परदे पर शानदार प्रदर्शन करते हुए अब तक दो सौ करोड़ से ज्यादा की कमाई कर चुकी है. इस साल फिल्म का हिंदी वर्जन भी Dashing CM Bharath नाम से रिलीज हुआ. इसमें महेश बाबू एक ऐसे युवा का रोल हैं, जो विदेश से पढ़कर आने के बाद राजनीति में उतरता है.  शहर की बदहाल ट्रैफिक व्यवस्था से वह युवा इतना परेशान होता है कि मुख्यमंत्री बनने के बाद इसे सुधारने के लिए कठोर कदम उठाता है. मुख्यमंत्री के रोल में महेश बाबू पुलिस अफसरों की मीटिंग लेते हैं. पूछते हैं कि शहर की ट्रैफिक खराब क्यों है. इस पर अफसर कहते हैं-सर जनसंख्या बहुत ज्यादा है?

व्यवस्था दुरुस्त करने के सवाल पर कोई कहता है कि पेट्रोलिंग करेंगे तो कोई कहता है कि विज्ञापन से जनता को जागरूक करेंगे. इस पर महेश बाबू पूछते हैं कि आप लोग जुर्माना कैसे लगाते हैं. एक पुलिस अफसर कहता है कि बिना ड्राइविंग लाइसेंस के गाड़ी चलाने पर पांच सौ जुर्माना लेते हैं. यह सुनकर महेश बाबू कहते हैं कि इसे पांच हजार कर दो, सिग्नल तोड़ने पर एक हजार से बढ़ाकर 20 हजार कर दो. वाहन चलाते समय मोबाइल का इस्तेमाल करने पर एक हजार नहीं 25 हजार कर दो. रैश ड्राइविंग का जुर्माना एक हजार नहीं 30 हजार कर दो.

जब अफसर हैरान होकर कहते हैं कि सर,  आम आदमी तो घबरा जाएगा. इस पर फिल्मी मुख्यमंत्री महेश बाबू कहते हैं डर को महसूस करने दो. हम सोसाइटी में रहते हैं. आज के बाद से सभी को डर और जिम्मेदारियों का अहसास होना चाहिए. कई यूजर्स फेसबुक से लेकर ट्विटर तक इस वीडियो को शेयर कर जुर्माने पर चुटकी ले रहे हैं.

कितना सरकार ने बढ़ाया है जुर्माना

नितिन गडकरी के परिवहन मंत्रालय की सिफारिश पर मोटर व्हीकल एक्ट में हुए संशोधन से ट्रैफिक जुर्माना कई गुना बढ़ गया है. मसलन, सीट बेल्ट न लगाने पर सौ की जगह 1000 रुपये का जुर्माना होगा.  रेड लाइट जंप पर अब एक हजार की जगह पांच हजार देने होंगे. शराब पीकर गाड़ी चलाने पर जुर्माना 1000 से 10 हजार जुर्माना कर दिया गया है.

इसी तरह शराब पीकर गाड़ी चलाने पर पहले 6 महीने की जेल और 10,000 रुपये तक जुर्माने का प्रावधान है. जबकि दूसरी बार ये गलती करते हैं तो 2 साल तक जेल और 15,000 रुपये तक का जुर्माना लगेगा. इसके अलावा बिना लाइसेंस के गाड़ी चलाने पर 500 रुपये की जगह अब 5,000 रुपये जुर्माना देना होगा. वहीं अगर कोई नाबालिग गाड़ी चलाता है तो उसे 10,000 रुपये जुर्माना देना होगा जो पहले 500 रुपये था.

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