पाकिस्तान में इमरान खान की ताजपोशी में शरीक होने के लिए नवजोत सिंह सिद्धू ने वीजा के लिए आवेदन कर दिया है. अब फैसला भारत सरकार को लेना है कि उन्हें शपथ ग्रहण समारोह में जाने दिया जाए या नहीं.
क्रिकेटर से नेता बने सिद्धू को ने शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने का न्योता दिया है. शपथ ग्रहण समारोह 18 अगस्त को होना है.
इस संबंध में सिद्धू सोमवार को दिल्ली स्थित पाकिस्तान उच्च आयोग गए और उन्होंने इस यात्रा को लेकर कुछ जरूरी औपचारिकताएं पूरी कीं. उन्होंने कहा, 'मैंने सरकार से अनुमति के लिए आवेदन किया है. अब सब कुछ भारत सरकार की अनुमति पर निर्भर करता है.'
There are some formalities for which I am here, I have applied for govt permission. Everything depends on India govt's permission now: Navjot Singh Sidhu after leaving from Pakistan High Commission.He has been invited for Pakistan PM designate Imran Khan's oath taking ceremony.
— ANI (@ANI)
गृह मंत्रालय और विदेश मंत्रालय ने माना है कि उसे सिद्धू की ओर से वीजा के लिए आवेदन किए जाने का अनुरोध पत्र प्राप्त हो गया है. उनके प्रस्ताव पर विचार किया जा रहा है.
पाकिस्तान में क्रिकेटर से नेता बने इमरान खान 18 अगस्त को प्रधानमंत्री पद की शपथ लेने जा रहे हैं और इस खास दिन के लिए उन्होंने कई दिग्गज हस्तियों समेत भारत के 3 पूर्व क्रिकेटरों (सुनील गावस्कर, कपिल देव और सिद्धू) और को किया है. हालांकि गावस्कर ने व्यस्तता का हवाला देते हुए शपथ समारोह में नहीं शामिल होने की बात बता दी है.
गावस्कर ने बताया कि अपनी कमेंट्री की व्यस्तता की वजह से वह इस शपथ समारोह में शामिल नहीं हो सकते. हालांकि उन्होंने भविष्य में उनसे मुलाकात की उम्मीद जताई.
इमरान खान ने 1983 में वर्ल्ड कप जीतने वाली भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान कपिल देव और सिद्धू को भी न्योता दिया था, जिसे उन्होंने स्वीकार कर लिया.
पाकिस्तान की आज हो रही है जिसमें नई सरकार को सत्ता सौंपने की प्रक्रिया शुरू होगी. पाकिस्तान में गत 25 जुलाई को हुए चुनावों में इमरान खान की पार्टी पीटीआई सबसे बड़े दल के रूप में उभरी. उसे 116 सीटें मिली थीं. इसमें नौ निर्दलीय सदस्यों के शामिल होने के बाद यह संख्या बढ़कर 125 हो गई है.
महिलाओं के लिए आरक्षित 60 सीटों में से 28 सीटों के साथ पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ की सीटों की संख्या 158 पहुंच गई है. इसके बाद भी 342 सदस्यों के सदन में बहुमत के लिए 172 सीटें चाहिए. पीटीआई इस आंकड़े से 14 कम है, लेकिन कई छोटे दलों का उन्हें समर्थन है और स्पीकर, डिप्टी स्पीकर और प्रधानमंत्री के चुनाव में उसे कम से कम 180 सदस्यों का समर्थन मिलने की उम्मीद है.