नरेंद्र मोदी को 2014 में मिली जीत में मनमोहन सिंह की पिछली सरकार की कार्यशैली का अहम योगदान रहा था, लेकिन 2019 के चुनाव में मोदी की जीत के रिकॉर्ड के पीछे उनकी जोरदार कार्यशैली और सरकार की उपलब्धियां रहीं. आजतक और कार्वी इनसाइट्स के सर्वे के जरिए यह जानने की कोशिश की गई कि मई में हुए आम चुनाव में इस ऐतिहासिक जीत का सबसे बड़ा कारण क्या रहा.
आजतक और कार्वी इनसाइट्स ने इस सर्वे के लिए 30 जुलाई से पहले 12,126 लोगों से साक्षात्कार किया, जिसमें 67 फीसदी साक्षात्कर ग्रामीण और 33 फीसदी शहरी लोग शामिल थे. सर्वे में शामिल लोगों में से 35 फीसदी लोगों ने माना कि 2019 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी की अगुवाई वाली एनडीए की जीत का सबसे बड़ा योगदान खुद नरेंद्र मोदी की छवि रही जिनके बारे में माना गया कि एक मजबूत किस्म के इंसान हैं.

नरेंद्र मोदी की छवि के बाद 16 फीसदी लोगों का कहना था कि पुलवामा में आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान स्थित बालाकोट पर एयरस्ट्राइक कर वहां मौजूद आतंकी ठिकानों को नष्ट करना मोदी की जीत की सबसे बड़ी वजह बनी.
सर्वे में शामिल 11 फीसदी लोगों के अनुसार 2019 की ऐतिहासिक जीत में मोदी सरकार की खुद की कई उपलब्धियों का योगदान रहा. 8 फीसदी लोग मानते हैं कि जबरदस्त प्रचार और मीडिया के सभी प्लेटफॉर्म तक बीजेपी की पहुंच होने के कारण यह बड़ी और जोरदार जीत मिली.

सर्वे में अपनी राय रखने वाले 7 फीसदी लोग कहते हैं कि राष्ट्रवाद पर बीजेपी का अभियान चलाना उसके लिए फायदेमंद रहा. इसी तरह 7 फीसदी लोगों की राय है कि हिंदुत्व की राजनीति करना बीजेपी के पक्ष में गया.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस साल लोकसभा चुनाव प्रचार के शुरुआत में 'मैं भी चौकीदार' मुहिम शुरू किया था जिसे देशभर में खूब चर्चा मिली. करीब 6 फीसदी लोग मानते हैं कि 'मैं भी चौकीदार' मुहिम का अहम योगदान रहा.

5 फीसदी लोग अमित शाह की रणनीति को बीजेपी की अगुवाई वाली एनडीए की जीत का कारण मानते हैं. 5 फीसदी लोग कहते हैं कि कांग्रेस की तुलना में बीजेपी अपने सहयोगियों को अच्छे तरीके से मैनेज कर सकी इसलिए वो जीतने में कामयाब रही.
