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उपचुनाव नतीजों पर बोले येचुरी- विपक्ष नहीं, जनता हो रही है एकजुट

गौरतलब है कि 28 मई को हुए उपचुनावों में विपक्षी पार्टियों ने लोकसभा और विधानसभा की 14 में से 11 सीटों पर जीत दर्ज की, जबकि बीजेपी और उसके सहयोगियों को केवल तीन सीटों तक ही सीमित कर दिया.

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सीताराम येचुरी
सीताराम येचुरी

देश के विभिन्न हिस्सों में हुए उपचुनावों के नतीजों में जब विपक्ष की एकजुटता का असर दिखने लगा है तो माकपा महासचिव सीताराम येचुरी ने अलग सुर अलापना शुरू कर दिया है. येचुरी का कहना है कि उपचुनाव के इन नतीजों पर विपक्ष की एकता से अधिक लोगों की एकता का असर दिख रहा है.

एक सीट, एक उम्मीदवार फार्मूले पर येचुरी ने शुक्रवार को कहा, 'देश के विभिन्न राज्यों में तमाम पार्टियां (क्षेत्रीय दल) अपनी भूमिका अदा कर रही हैं. उप चुनाव के जो नतीजे आएं हैं, उसमें विपक्ष की एकता से ज्यादा लोगों की एकता दिख रही है.'

गौरतलब है कि 28 मई को हुए उपचुनावों में विपक्षी पार्टियों ने लोकसभा और विधानसभा की 14 में से 11 सीटों पर जीत दर्ज की, जबकि बीजेपी और उसके सहयोगियों को केवल तीन सीटों तक ही सीमित कर दिया. विपक्षी एकजुटता के कारण बीजेपी ने उत्तर प्रदेश की चर्चित कैराना लोकसभा सीट और नूरपुर को भी गंवा दिया.

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गोरखपुर, फूलपुर उपचुनावों के विपक्षी दलों को इस बात का अहसास हो गया था कि चुनाव मिलकर लड़ना होगा. इसी वजह से कैराना जैसी चर्चित लोकसभा सीट पर राष्ट्रीय लोकदल की उम्मीदवार तबस्सुम हसन को सभी दलों ने समर्थन दिया और अपना कोई उम्मीदवार नहीं उतारा. इसका नतीजा हुआ कि तबस्सुम हसन ने बड़ी जीत हासिल की है. तबस्सुम को 4,81,182 वोट मिले. वहीं, बीजेपी की उम्मीदवार मृगांका सिंह को 4,36,564 वोट मिले हैं.

इस बीच, दिल्ली में आम आदमी पार्टी और कांग्रेस के मिलकर चुनाव लड़ने के कयास लगाए जा रहे हैं. मगर दिल्ली कांग्रेस के नेता जेपी अग्रवाल ने इससे इनकार किया है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस आम आदमी पार्टी के साथ मिलकर चुनाव नहीं लड़ेगी. आम आदमी पार्टी की कांग्रेस के किसी भी नेता से कोई बातचीत नहीं चल रही है. एक भी नेता और कार्यकर्ता 'आप' के साथ नहीं जाएगा.

केरल सरकार के बचाव में वृंदा करात

माकपा नेता वृंदा करात केरल में दलित क्रिश्चियन की हत्या के मामले में पार्टी का बचाव करती दिख रही हैं. उन्होंने शुक्रवार को कहा, 'दूसरे राज्यों में पुलिस आरोपियों को सुरक्षा मुहैया कराने लगती है, लेकिन केरल के मामले में कम से कम मुख्यमंत्री आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के लिए काम कर रहे हैं.'

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बता दें कि केविन जोसेफ ने अपनी प्रेमिका से शादी की थी. इसके बाद गत रविवार रात को उनकी हत्या कर दी गई. केविन जोसेफ के पिता दिनभर स्थानीय थाने में पुलिस से गुहार लगाते रहे. उन्होंने सब-इंस्पेक्टर को बताया कि उनके 23 साल के बेटे को अगवा किया गया है. केविन जोसेफ के पिता ने पुलिस से विनती की और कहा कि उनके बेटे को जल्द खोजा जाए, नहीं तो अनहोनी हो सकती है, लेकिन पुलिस ने उनकी बात नहीं सुनी. इसके बाद केरल की वाममोर्चे की सरकार पर सवाल उठने लगे थे.

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