मानसून सत्र में बुधवार को सदन की कार्यवाही हंगामे के साथ शुरू हुई. राज्यसभा में मायावती ने कार्यवाही शुरू होते ही दयाशंकर सिंह और मंदसौर में गौर रक्षा के नाम पर महिलाओं की पिटाई का मुद्दा उठाया. मायावती को इस मुद्दे पर सदन में कांग्रेस और दूसरी विपक्षी दलों का भी समर्थन मिला. हंगामे को देखते हुए सदन की कार्यवाही को दो बजे तक के लिए स्थगित किया गया.
मायावती ने कहा, 'दयाशंकर सिंह झारखंड में हैं और यह एक बीजेपी शासित राज्य है. इससे साफ जाहिर होता है कि बीजेपी उन्हें बचा रही है.'
ने बीजेपी पर जुबानी प्रहार करते हुए कहा, 'बीजेपी नारा देती है- महिलाओं के सम्मान में, बीजेपी मैदान में. जबकि बीजेपी शासित मध्य प्रदेश में बीफ की अफवाह पर महिलाओं को पीटा जाता है.' मायावती ने का भी मुद्दा उठाया, जिस पर सदन में जमकर हंगामा शुरू हो गया.
मूक दर्शक बनकर खड़ी रही पुलिस: मायावती
बता दें कि मध्यप्रदेश के मंदसौर में खुद को गौर रक्षक बताने वाले कुछ लोगों ने दो महिलाओं की पिटाई कर दी. ऐसा बीफ की अफवाह के बाद किया गया. मायावती ने राज्यसभा में कहा कि इस पूरी घटना के दौरान पुलिस मूक दर्शक बनकर खड़ी रही.
गौ रक्षक जरूरी, लेकिन पिटाई गलत: आजाद
एमपी में गौ रक्षकों द्वारा महिलाओं की पिटाई के मामले पर बोलते हुए कांग्रेस नेता गलाम नबी आजाद ने कहा, 'गौ रक्षक होने चाहिए, लेकिन उसके नाम पर बहाना करके दलित और मुसलमानों को टारगेट करो, हम इसके खिलाफ हैं.'
MPs stormed the well of the house after BSP Chief Mayawati spoke on Dalit unrest in Rajya Sabha
— ANI (@ANI_news)
एमपी सरकार ने तत्काल कार्रवाई की: नकवी
बीजेपी सांसद मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि हिंसा की घटना चाहे जिस किसी राज्य में हो निंदनीय है. उन्होंने कहा कि मायवती ने अभी जिस मुद्दे की बात की मध्य प्रदेश की सरकार ने उस पर कार्रवाई की है.