scorecardresearch
 

कोलकाता: BJP नेता की हत्या पर बवाल, परिजनों का आरोप- बिना सहमति के शव ले गई पुलिस

पुलिस ने परिजनों से शव को एनआरएस शवगृह से सीधे गराई के गृह जिले ले जाने और अंतिम संस्कार करने की पेशकश की. पुलिस की पेशकश को बीजेपी नेता और गराई के परिजनों ने मानने से इंकार कर दिया.

Advertisement
X
सांकेतिक तस्वीर
सांकेतिक तस्वीर

  • स्वरूप गराई के शव को लेने से इंकार करते रहे परिजन
  • पुलिस के खिलाफ बीजेपी और परिजनों में नाराजगी, जा सकते हैं हाई कोर्ट

पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के नेता की हत्या के बाद बवाल हो गया. बीरभूम जिले में बीजेपी नेता स्वरूप गराई पर कुछ लोगों ने हमला किया. इलाज के लिए उन्हें कोलकाता के एनआरएस अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां सोमवार को उनकी मौत हो गई. बीजेपी नेता और समर्थक उनके शव को पार्टी मुख्यालय में ले जाना चाहते थे और जुलूस निकालना चाहते थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें इसकी इजाजत नहीं दी. पुलिस का कहना था कि इलाके में कानून-व्यवस्था बिगड़ सकती है.

पुलिस ने परिजनों से शव को एनआरएस शवगृह से सीधे गराई के गृह जिले ले जाने और अंतिम संस्कार करने की पेशकश की. पुलिस की पेशकश को बीजेपी नेता और गराई के परिजनों ने मानने से इंकार कर दिया. हालांकि कड़ी सुरक्षा के बीच शव को पुलिस ने बीरभूम भेजा.

Advertisement

स्वरूप गराई के परिजनों ने आरोप लगाया कि पुलिस बिना हमारी सहमति के कैसे शव को बीरभूम भेज सकती है. परिजनों ने कोलकाता पुलिस और एनआरएस अस्पताल के खिलाफ शिकायत दर्ज कराया. बताया जा रहा है बीजेपी इस पूरे मामले को लेकर कोलकाता हाई कोर्ट भी जा सकती है.

बीरभूम के एसडीपीओ ने मंगलवार देर रात अंतिम संस्कार के लिए मृतक स्वरूप गराई के शव को उनके परिवार को सौंप दिया. पुलिस जानना चाह रही थी कि क्या वे शव के साथ जुलूस की योजना बना रहे हैं. अगर वे बना रहे हैं तो मार्गों को स्पष्ट करना चाहिए.

Advertisement
Latest News in Hindi »
Advertisement