लखनऊ में अवैध बिल्डिंग होने के बावजूद सिस्टम ने जिम्मेदारी ठीक से नहीं निभाई. लखनऊ विकास प्राधिकरण और नगर निगम दोनों विभागों की लापरवाही ने भ्रष्टाचार की इमारत को जन्म दिया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सीधे अधीन कार्यरत हाउसिंग एंड अर्बन प्लानिंग विभाग की चूक के कारण 15 लोगों की जान गई.