एक स्थानीय कॉलेज में चुनाव के दौरान कांग्रेस और तृणमूल कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच हुई झड़प में एक पुलिस सब-इंस्पेक्टर की मौत के दो दिन बाद हरकत में आयी पश्चिम बंगाल की ममता बनर्जी सरकार ने कोलकाता के पुलिस आयुक्त पद से आर के पचनंदा को हटा दिया है.
मुख्यमंत्री ने कहा, ‘प्राथमिकी में जिन लोगों के नाम हैं उन्हें किसी भी कीमत पर गिरफ्तार किया जाना चाहिए था, चाहे वो किसी भी दुनिया में हों. उन्हें गिरफ्तार क्यों नहीं किया गया? इसलिए मुझे कार्रवाई करनी पड़ी.’ ममता ने कहा, ‘कानून अपना काम करेगा.’
गृह सचिव बासुदेव बनर्जी ने कहा कि सीआईडी को मामले की जांच का जिम्मा दिया गया है. अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (एडीजीपी) सुरजीत कर पुरकायस्थ को पचनंदा की जगह कोलकाता का नया पुलिस आयुक्त बनाया गया है. पचनंदा को सुरक्षा सहित मुख्यमंत्री की सुरक्षा मामलों का निदेशक नियुक्त किया गया है.
मुख्यमंत्री ने यह कार्रवाई ऐसे समय में की है जब राज्यपाल एम के नारायणन ने शहरी विकास मंत्री फरहाद हकीम की ओर से प्राथमिकी में नामजद आरोपी बनाए गए तृणमूल निगम पाषर्द मोहम्मद इबाकल का बचाव किए जाने पर नाखुशी जाहिर की. घटना में मारे गए सब-इंस्पेक्टर के शोकाकुल परिजन से मिलने के बाद राज्यपाल ने कहा, ‘उन्हें ऐसा कतई नहीं करना चाहिए था. ऐसा करने का कोई मतलब ही नहीं बनता.’
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि दिवंगत सब-इंस्पेक्टर की बेटी तनुश्री चौधरी उनकी ओर से सोमवार को घोषित एक नए पद पर तैनात की जाएंगी और परिवार के लिए मंजूर की गई धनराशि शोकाकुल परिवार को भेज दी गई है. मंगलवार से ही आधिकारिक दौरे पर दीघा में मौजूद रहीं मुख्यमंत्री ने गुरुवार को दिवंगत सब-इंस्पेक्टर तापस चौधरी के परिजनों से मुलाकात की. 12 फरवरी को तापस चौधरी की गार्डन रिच इलाके में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी.