जम्मू और कश्मीर प्रशासन ने शीतकालीन राजधानी जम्मू में सोमवार को समारोहपूर्वक अपना काम करना आरंभ कर दिया. जुलाई में विधानसभा भंग होने के बाद से राज्य प्रशासन की कमान संभाल रहे राज्यपाल एन.एन.वोहरा ने सचिवालय परिसर में औपचारिक गार्ड ऑफ ऑनर ग्रहण किया.
जम्मू और कश्मीर राज्य में छह महीने ग्रीष्मकालीन राजधानी श्रीनगर और छह महीने शीतकालीन राजधानी जम्मू से प्रशासन चलाया जाता है. राजधानी परिवर्तन की यह परंपरा राजशाही शासन के समय से ही चली आ रही है. श्रीनगर की कड़ी ठंड और जम्मू की भयंकर गर्मी से बचने के लिए अपनाया गया यह उपाय बाद में परंपरा बन गया. राजधानी परिवर्तन की इस परंपरा को 'दरबार परिवर्तन' कहा जाता है.
इस समय राजधानी में बदलाव राज्य के दोनों क्षेत्रों जम्मू तथा कश्मीर के बीच शक्ति संतुलन को बनाए रखने के लिए होता है. इसके लिए सरकारी अधिकारियों और भारी संख्या में फाइलों को स्थानांतरित करना होता है. इस पर कुल एक करोड़ रुपये का खर्च आता है.