भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने उनके साथ खड़े रहने के लिए लोगों का आभार जताया है. इसरो ने ट्वीट कर लिखा है, 'हमारे साथ खड़ा होने के लिए धन्यवाद. हम दुनिया भर में भारतीयों की आशाओं और सपनों से प्रेरित होकर आगे बढ़ते रहेंगे.'
Thank you for standing by us. We will continue to keep going forward — propelled by the hopes and dreams of Indians across the world!
— ISRO (@isro)
दरअसल, चंद्रयान-2 मिशन पूरी तरह से अपने अंजाम तक नहीं पहुंच सका. चांद पर विक्रम लैंडर के लैंडिंग से कुछ वक्त पहले ही इसरो का इससे संपर्क टूट गया था. इसरो अभी तक विक्रम लैंडर से संपर्क स्थापित नहीं कर पाया हैं. हालांकि इस दौरान इसरो को देश और विदेश से लोगों का काफी साथ मिला.
बता दें कि 'विक्रम' का 6-7 सितंबर की दरम्यानी रात को इसरो के कंट्रोल रूम से संपर्क टूट गया था जब वह चांद के बेहद करीब था. हालांकि भारत और विदेशों में इसरो के प्रयास की सराहना की गई थी. पीएम मोदी खुद इसरो के नियंत्रण कक्ष में थे. संपर्क टूटने के बाद पीएम मोदी ने इसरो के वैज्ञानिकों को संबोधित भी किया था और इसरो अध्यक्ष के सिवन को गले लगा लिया था.
वहीं, इसरो की मदद के लिए अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा (NASA) भी अपने डीप स्पेस नेटवर्क के तीन सेंटर्स से लगातार चंद्रयान-2 के ऑर्बिटर और लैंडर से संपर्क बनाए हुए है. लेकिन विक्रम लैंडर को भेजे जा रहे संदेशों का कोई जवाब नहीं आ रहा है.