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मासिक धर्म में अनियमितता से हैं परेशान, तो अपनाएं यह योगासन

महिलाएं और लडकियां हर 2 या 3 महीन के बाद अनियमित मासिक धर्म की शिकार होती हैं. ये महिलाओं के स्वास्थ्य के लिए ठीक नहीं समझा जाता है. इस गड़बड़ी को ठीक करने के लिए डॉक्टर्स कई तरह की अंग्रेजी दवाइयों और घरेलू नुस्खों का सुझाव देते हैं.

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फोटो: Getty
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स्वास्थ के लिहाज से महिलाओं में मासिक धर्म की प्रक्रिया में अनियमितता नहीं होनी चाहिए. ये आपके स्वास्थ में गड़बड़ी होने का परिचायक है. बेढंग जीवनशैली की वजह से मासिक चक्र में अनियमितता होना बहुत आम समस्या बनती जा रही है.

अनियमित मासिक धर्म के कई कारण हो सकते हैं- हार्मोनल असंतुलन (hormonal disorder), खानपान में मिलावट, जीवनशैली में परिवर्तन तथा दवाइयों का प्रभाव इनमें मुख्य है. अनियमित मासिक धर्म के शिकार को  ओलिगोमेनोरिया (oligomenorrhea) कहा जाता है.

महिलाएं और लडकियां हर 2 या 3 महीने के बाद अनियमित मासिक धर्म की शिकार होती हैं. ये महिलाओं के स्वास्थ्य के लिए ठीक नहीं समझा जाता है. इस गड़बड़ी को ठीक करने के लिए डॉक्टर्स कई तरह की अंग्रेजी दवाइयों और घरेलू नुस्खों का सुझाव देते हैं.

ज्यादातर दवाइयों के साइड इफेक्ट होते हैं इससे नुकसान ही होता है. हालांकि योग में इसका उपाय बताया जाता है. अधोमुख श्वानासन एक ऐसा योगासन है जिसके नियमित अभ्यास से आपको ना केवल मासिक धर्म की अनियमितताओं से छुटकारा मिल जाएगा बल्कि आपका बढ़ा हुआ वजन भी कम होगा.

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ऐसे करें अधोमुख श्वानासन: सबसे पहले जमीन पर एकदम सीधे खड़े हो जाएं और उसके बाद दोनों हाथों को आगे करते हुए नीचे जमीन की ओर झुक जाएं. झुकते समय आपके घुटने सीधे होने चाहिए और कूल्हों के ठीक नीचे होने चाहिए, जबकि आपके दोनों हाथ कंधे के बराबर नहीं बल्कि इससे थोड़ा सा पहले झुके होने चाहिए. अपने हाथों की हथेलियों को झुकी हुई अवस्था में ही आगे की ओर फैलाएं और उंगलियां समानांतर रखें. श्वास छोड़ें और अपने घुटनों को अधोमुख श्वानासन मुद्रा के लिए हल्का सा धनुष के आकार में मो़ड़े और एड़ियों को जमीन से ऊपर उठाएं. इस प्वाइंट पर  अपने कूल्हों को पेल्विस से पर्याप्त खींचें और हल्का सा प्यूबिस की ओर दबाएं. हाथों को पूरी तरह जमीन पर कंधों के नीचे से आगे की ओर फैलाए रखें, लेकिन उंगलियां जमीन पर फैली होनी चाहिए. इसके बाद अपने घुटनों को जमीन पर थोड़ा और झुकाएं और कूल्हों को जितना संभव हो ऊपर उठाएं. सिर हल्का सा जमीन की ओर झुका होना चाहिए और पीठ के लाइन में ही होनी चाहिए. अब आप पूरी तरह अधोमुख श्वानासन मुद्रा में हैं.

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