मणिपुर के चुराचांदपुर में सोमवार को राज्य के स्वास्थ्य मंत्री और दो विधायकों के घर जला दिए गए. इनर लाइन परमिट के मुद्दे पर भड़की हिंसा में 23 साल के छात्र की मौत हो गई है.
पुलिस को शक, घटना के पीछे छात्र संगठनों का हाथ
विधानसभा में तीन बिलों के पास होने के विरोध में तीन छात्र संगठनों ने 12 घंटे के बंद का आह्वान किया था. पुलिस को शक है कि विधायकों के घर में लगी आग के
पीछे भी इन्हीं छात्रों का हाथ है.
विधानसभा में तीन बिलों के पास होने पर हिंसा
सोमवार को विधानसभा ने ध्वनिमत से मणिपुरी निवासी सुरक्षा विधेयक-2015, मणिपुर भू-राजस्व एवं भूमि सुधार (सातवां संशोधन) विधेयक-2015 और मणिपुर दुकान
एवं प्रतिष्ठान (दूसरा संशोधन) विधेयक-2015 हैं पास किया. केंद्र सरकार और एनएससीएन (आई-एम) के बीच हुए शांति समझौते के संबंध में एक प्रस्ताव को भी राज्य
सरकार ने मंजूरी दी. इन विधेयकों के पारित होने पर इनर लाइन परमिट की संयुक्त समिति के एक प्रवक्ता ने संतुष्टि जताई.
पुलिस ने आंसू गैस, लाठीचार्ज का इस्तेमाल किया
प्रदर्शनकारी पुलिस और दमकल की गाड़ियों को मौके पर भी पहुंचने नहीं दे रहे हैं. मामले को काबू करने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले भी
छोड़े.