scorecardresearch
 

सिख बॉडीगार्ड ने मारी थी इंद‍िरा को गोली, जानिए आयरन लेडी से जुड़ी कुछ और बातें

नेहरू वंश की एक 'आयरन लेडी' थी, जो अमर हो गई. देश की अब तक की सबसे दिग्गज हस्तियों में शुमार इंदिरा प्रियदर्शनी नेहरू बुद्धिजीवी स्तर की महिला थीं. उन्होंने ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी से लेकर शांति निकेतन यूनिवर्सिटी तक की खाक छानी थी. पिता भारत में राजनीति में व्यस्त थे और मां टीबी की बीमारी से जूझते हुए स्विटजरलैंड में अपनी आखिरी सांसें गिन रही थीं. पर अकेले होते हुए भी इंदिरा ने कभी हिम्मत नहीं हारी. जिंदगी में आगे चलकर इंदिरा की मुलाकात फिरोज खान से हुई, जिनके साथ इंदिरा ने बाद  में शादी कर ली.

Advertisement
X
इंदिरा गांधी
इंदिरा गांधी

नेहरू वंश की एक 'आयरन लेडी' थी, जो अमर हो गई. देश की अब तक की सबसे दिग्गज हस्तियों में शुमार इंदिरा प्रियदर्शनी नेहरू बुद्धिजीवी स्तर की महिला थीं. उन्होंने ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी से लेकर शांति निकेतन यूनिवर्सिटी तक की खाक छानी थी. पिता भारत में राजनीति में व्यस्त थे और मां टीबी की बीमारी से जूझते हुए स्विटजरलैंड में अपनी आखिरी सांसें गिन रही थीं. पर अकेले होते हुए भी इंदिरा ने कभी हिम्मत नहीं हारी. जिंदगी में आगे चलकर इंदिरा की मुलाकात फिरोज गांधी से हुई, जिनके साथ इंदिरा ने बाद  में शादी कर ली.

इंदिरा गांधी का राजनीति में आना जैसे पहले से ही तय था. 1966 में प्रधानमंत्री का पद संभालते ही उन्होंने कृषि विकास की लहर दौड़ा दी और हरित क्रांति का नारा लगाया, फिर पाकिस्तान से युद्ध भी जीत लिया. इंदिरा ने तीन स्तरीय राज किया और फिर अपनी तानाशाही नीतियों के कारण पद छोड़ना पड़ा. 1980 में फिर से सत्ता में आई, लेकिन 4 साल बाद हुए ऑपरेशन ब्लू स्टार के बाद भारत में सिख विराधी दंगे हुए. इंदिरा की उनके सबसे विश्वसनीय दो सिख बॉडीगार्डों ने 31 अक्टूबर, 1984 को हत्या कर दी.

Advertisement

जानिए इंदिरा गांधी के जीवन से जुड़ी कुछ और बातों को

1. इंदिरा गांधी के पत‍ि का नाम फ‍िरोज गांधी था जिनसे दो बेटे राजीव गांधी और संजय गांधी हुए.

2. कुछ मतभेदों के चलते इंदिरा गांधी और फिरोज गांधी अलग अलग रहने लगे थे. लेकिन उनका तलाक नहीं हुआ था.

3. विदेशी बहिष्कार आंदोलन के समय से ही इंदिरा महात्मा गांधी के साथ जुड़ गई थी. देश की स्वतंत्रता को लेकर उनका जज्बा देखते हुए जब उनके पिता जवाहर लाल नेहरू ने सारे ऐश-ओ-आराम की चीजें उनसे दूर की, तो उन्होंने तुरंत हामी भर दी.

4. 1950 के भारतीय संविधान के अनुसार वर्ष 1965 तक हिंदी को राष्ट्रीय राज्यभाषा का दर्जा मिलना था. लेकिन कई गैर हिंदी स्टेट इसका विरोध कर रहे थे. तब इंदिरा ने हिंदी और अंग्रेजी दोनों ही भाषाओं को राजकीय राजभाषा का दर्जा दे दिया.

5. जवाहर लाल नेहरू ने 1955 जो रास्ता अपनाया था, वैसा ही 1971 में प्रधानमंत्री के पद पर कार्यरत रहते हुए इंदिरा ने स्वंय की भारत रत्न पुरस्कार के लिए सिफारिश की और उसे हासिल भी किया.

6. अपनी मृत्यु से ठीक एक दिन पहले 30 अक्टूबर 1984 को इंदिरा ने ओडिशा में अपने भाषण मे कहा था कि, 'मैं आज जिंदा हूं, शायद कल न रहूं. लेकिन मैं अपनी आखि‍री सांस तक देश की सेवा करूंगी और जब मैं मरूंगी, तो कह सकूंगी कि मेरे खून की एक एक बूंद ने देश को मजबूत किया है.' इस भाषण के अगले ही दिन उनकी हत्या कर दी गई.

Advertisement

7. इंदिरा गांधी को उनके सिख बॉडीगार्ड ने गोली मारी थी. सुबह साढ़े नौ बजे उन्हें एम्स में दाखिल किया गया और दोपहर 2 बजकर 20 मिनट पर मृत घोषित कर दिया गया. इंदिरा पर एक स्टेन गन और एक पिस्तौल से कुल 31 गोलियां दागी गई थी, जिनमें से 30 उन्हें लगी थी. 23 गोलियां उनके शरीर के आर-पार गई थी और 7 शरीर में थी जिन्हें ऑपेशन से निकाला गया.

8. इंदिरा एक शक्तिशाली नेता तो थी ही, साथ ही उनके लोहे जैसे मजबूत इरादों के दम पर उन्होंने पड़ोसी देशों के मुद्दे संभाले और मजबूत विदेश नीति बनाई. उनके मजबूत इरादों के आधार पर ही पश्चिमी मीडिया ने उन्हें 'आयरन लेडी' का दर्जा दिया.

Advertisement
Advertisement