scorecardresearch
 

भारत ने सफलतापूर्वक छोड़ा नेवीगेशन सेटेलाइट IRNSS-1A

भारत के पहले नेवीगेशन सेटेलाइट आईआरएनएसएस-1 ए का प्रक्षेपण इसरो पीएसएलवी-सी 22 के जरिए श्रीहरिकोटा के समीप सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से किया.

Advertisement
X
satellite
satellite

भारत के पहले नेवीगेशन सेटेलाइट आईआरएनएसएस-1 ए का प्रक्षेपण इसरो पीएसएलवी-सी 22 के जरिए श्रीहरिकोटा के समीप सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से किया.

इसरो के प्रक्षेपण यान पीएसएलवी के चेन्नई से 80 किलोमीटर दूर श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से सोमवार की रात 11 बजकर 41 मिनट पर प्रक्षेपित किया गया नेवीगेशन सेटेलाइट.

1425 किलोग्राम वजनी आईआरएनएसएस-1ए इंडियन रीजनल नेवीगेशन सेटेलाइट सिस्टम (आईआरएनएसएस) का पहला उपग्रह है. इस उपग्रह का जीवन दस साल का है. यह उपग्रह संबंधित पक्षों को सटीक स्थतिक सूचनाएं उपलब्ध कराएगा तथा अपनी सीमा से 1500 किलोमीटर की दूरी तक के क्षेत्र संबंधी आंकड़ें देगा.

आईआरएनएसएस-1ए दो तरह के पेलोड्स लेकर गया है. नेवीगेशन और रेंजिंग पेलोड्स को प्रक्षेपण के 20 मिनट बाद अंतरिक्ष में छोड़ा गया. इस उपग्रह के दो सौर पैनल हैं. परमाणु घड़ी सहित नाजुक तत्वों के लिए विशेष तापीय नियंत्रण व्यवस्था डिजाइन और क्रियांवित की गई हैं.

यह इसरो के पीएसएलवी का 24वां मिशन है. इसरो के 24 मिशनों में से यह चौथा मौका है जब प्रक्षेपण के लिए ‘एक्सएल’ प्रारूप का इस्तेमाल किया गया है. इसरो ने चंद्रयान 1 (पीएसएलवी-सी 11), जीसैट-12 (पीएसएलवी-सी 17) तथा आरआईसैट-1 (पीएसएलवी-सी 19) के प्रक्षेपण में इसका इस्तेमाल किया था.

Advertisement
Advertisement