भारतीय सेना ने एक अहम फैसला लिया है. अब सेना के शहीदों और पूर्व सैनिकों के परिजन भी उनकी बहादुरी के लिए मिले मेडल पहन सकेंगे. हालांकि, मेडल पहनने की इजाजत कुछ खास मौके पर दी गई है. बता दें, अब तक शहीद के परिवारों को मेडल पहनने या किसी भी तरह के प्रदर्शन की इजाजत नहीं थी.
भारतीय सेना की तरफ से जारी आदेश के मुताबिक, अबतक जवान या रिटायर्ड जवान ही अपनी बहादुरी या देशसेवा के लिए मिले मे़डल को पहन सकते थे, जबकि शहीदों के मेडल को पहनने का आदेश नहीं था, लेकिन शहीदों और पूर्व सैनिकों के परिजनों (नेक्स्ट ऑफ किन) ने मांग की थी कि वह मेडल को पहनना चाहते हैं.
11 जुलाई को सेरेमोनियल एंड वेलफेयर एडजुटेंट जनरल की शाखा की ओर से आदेश जारी किया कि अब परिजन फैमिली मेडल को दायीं छाती पर पहन सकते हैं. खास मौकों पर जैसे वॉर मेमोरियल में होमेज सेरिमनी या अंतिम संस्कार के वक्त फैमिली (पति, पत्नी, दादा, परदादा, बच्चे) मेडल पहन सकती है.
अभी तक सेना के फौजी और रिटायर्ड फौजी अपने मेडल बायीं छाती पर पहनते हैं. इस आदेश के बाद अब परिजन फॉर्मल सिविल ड्रेस में मेडल दायीं छाती पर पहन सकेंगे. अगर एक सेट से ज्यादा फैमिली मेडल हैं तो एक सेट पहन सकते हैं.
इस आदेश के पीछे सेना का मानना है कि मेडल पहनने की इजाजत देने से शहीदों और पूर्व सैनिकों के परिजनों में गर्व का भाव आएगा और इसके जरिए शहीदों को श्रद्धांजलि दी जा सकेगी. आदेश को भारतीय सेना के सभी कमांड को भेज दिया गया है.