भारतीय सेना पाकिस्तान बॉर्डर पर इंटीग्रेटेड बैटल ग्रुप (IBG) तैनात करने करने जा रही है. जो भारतीय सेना की ताकत बढ़ाने और युद्ध के हालात में दुश्मनों को मुंहतोड़ जवाब देने में मदद करेगा.
पाकिस्तान बॉर्डर पर तैनात करने के बाद चीन की सीमा पर भी आईबीजी का इस्तेमाल किया जाएगा. जिससे पाकिस्तान और चीन दोनों ही देशों से सटी सीमाओं पर भारतीय सेना की ताकत को बढ़ाया जाएगा. बता दें कि 'कॉल्ड स्टार्ट डॉक्ट्रिन' को ऑपरेशन पराक्रम 2002 के बाद साल 2004 में पहली बार सार्वजनिक किया था. जिसमें अब पहली बार बदलाव होने जा रहा है.
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक पहला इंटीग्रेटेड बैटल ग्रुप पाकिस्तान बॉर्डर पर तैनात किया जाएगा. सूत्रों के मुताबिक वेस्टर्न कमांड (जिसका मुख्यालय चंडीगढ़ के पास चंडीमंदिर में है) को इसके बारे में पूरा प्रस्ताव जमा करने के लिए कहा गया है.
सुरक्षा मामलों की कैबिनेट समिति से मंजूरी मिलने के बाद रक्षा मंत्रालय की ओर से इसकी पुष्टि की जाएगी. वेस्टर्न कमांड के तीन कोर हैं, जिसमें प्रत्येक का मुख्यालय अंबाला, जालंधर और योल (धर्मशाला) में है. इन्हें आईबीजी की जिम्मेदारी सौंपी गई है.
सूत्रों से मुताबिक, आईबीजी का मकसद सेना में एक ऐसे नए ग्रुप को शामिल करना है. जिसमें तोप, टैंक और वायु रक्षा शामिल होंगे. यह कदम ऐसे समय उठाया जा रहा है जब तीनों सैन्य बलों के बीच बेहतर समन्वय बनाने की कोशिश की जा रही है. माना जा रहा है कि आईजीबी सेना की ताकत बढ़ाने में बड़ी भूमिका निभाएगा. आईबीजी को इस साल अक्टूबर में पाकिस्तान की सीमा पर तैनात किया जा सकता है. इसके बाद चीन की सीमा पर भी बैटल ग्रुप तैनात किया जाएगा.
सूत्रों के मुताबिक इंटिग्रेटेड बैटल ग्रुप्स की क्षमता को देखने के लिए एक अभ्यास किया गया था. जिसका फीडबैक सकारात्मक होने की वजह से आईबीजी को सीमा पर तैनात करने का फैसला लिया गया है.