दो महीने के भीतर तीन आईएएस अफसरों के इस्तीफे पर भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव(संगठन) बीएल संतोष ने निशाना साधा है. तीनों आईएएस अफसरों का लेफ्ट कनेक्शन जोड़ते हुए विचारधारा से मधुर संबंध बताए हैं . बीएल संतोष ने एक ट्वीट में संकेत दिया कि तीनों अफसरों को पूर्ण जनादेश वाली विचारधारा हजम नहीं हुई, इस नाते उन्होंने नौकरी छोड़ दी.
बीजेपी के राष्ट्रीय महामंत्री बीएल संतोष ने कहा, "तीन आईएएस अफसर अपने पदों से सिर्फ इसलिए इस्तीफा दे देते हैं क्योंकि एक और विचार प्रक्रिया देश में पूर्ण जनादेश के साथ चल रही है. इससे लेफ्ट-लिबरल सिस्टम की असहिष्णुता की कल्पना की जा सकती है,जिनके साथ उनके मधुर संबंध थे. देश आपको पूरी तरह समझता है"
ये आईएएस दे चुके इस्तीफा3 IAS Officers resign from their positions just because a thought process other than that they were infected with moves on in the country with full mandate. Imagine the intolerance of left , liberal ecosystem with whom they had cosy relationship.Nation understands you perfectly.
— B L Santhosh (@blsanthosh) September 8, 2019
21 अगस्त को अरुणाचल प्रदेश, गोवा, मिजोरम और केंद्रशासित प्रदेश काडर(AGMUT) में 2012 बैच के 33 वर्षीय आईएएस अफसर जी कन्नन ने जम्मू कश्मीर में लगाए गए प्रतिबंध और मौलिक अधिकारों के हनन के विरोध में इस्तीफा दिया था. इस्तीफे के बाद गोपीनाथन ने कहा था, "मैंने प्रशासनिक सेवा इसलिए ज्वॉइन की, क्योंकि मुझे लगा कि मैं उन लोगों की आवाज बन सकता हूं, जिनकी आवाज को बंद कर दिया जाता है लेकिन यहां, मैंने खुद अपनी आवाज खो दी."
केरल में 2018 में आई बाढ़ के दौरान गोपीनाथन के काम की सराहना हुई थी. इसके कुछ समय बाद कर्नाटक काडर के आईएएस अफसर और दक्षिण कन्नड़ जिले में डिप्टी कमिश्नर पद पर तैनात एस शशिकांत सेथिल ने भी पद से इस्तीफा देकर चौंका दिया. उन्होंने भी कन्नन की तरह लोकतंत्र, अभिव्यक्ति की आजादी आदि कारण इस्तीफे के पीछे गिनाए. कहा कि जब अनैतिक तरीके से लोकतंत्र के संस्थानों को दबाया जा रहा हो, ऐसे में मैं सिविल सर्विस में रहना अनैतिक समझता हूं. इस्तीफा देने से पहले एस शशिकांत सेंथिल छुट्टी पर थे.
एस शशिकांत सेथिल के इस्तीफा देने के बाद ही मीडिया में नीति आयोग में स्थानांतरित एजीएमयूटी काडर के कशिश मित्तल के भी नौकरी छोड़ने की खबर सामने आई. कहा गया कि पूर्वोत्तर में ट्रांसफर किए जाने से नाराज होकर उन्होंने इस्तीफा दिया. 2011 बैच के IAS ऑफिसर कशिश मित्तल ने 6 सितंबर को इस्तीफा दिया. मित्तल भी अरुणाचल प्रदेश-गोवा-मिजोरम-यूनियन टेरिटरी(AGMUT) कैडर के अधिकारी रहे.