हिंदी दिवस पर जस्टिस मार्कंडेय काटजू ने एक लेख लिखा, जिसमें उन्होंने कहा कि हिंदी आम आदमी की भाषा नहीं है. उन्होंने अपने लेख में लिखा कि हिंदी को अंग्रेजों ने भारतीय लोगों को बांटने के लिए बनाया था. काटजू ने अपने लेख को आम आदमी पार्टी के नेता और कवि कुमार विश्वास समेत कई दिग्गज हस्तियों को टैग करके पोस्ट किया.
हे चिर मुख अतिसार व्याधि पीड़ित ! अपनी अज्ञानोत्पादित अंखड अहमन्यताओं के इस अविरल मलप्रवाह में मेरे ट्वीटर को अकारण टैग करने की इस नव्य निकृष्टता हेतु मैं श्राद्ध के प्रथम दिन आपके इस जन्म में असफल पदार्पण का विधानपूर्वक तर्पण करता हूँ 🙏 स्वीकार करें
— Dr Kumar Vishvas (@DrKumarVishwas)
इसके बाद कुमार विश्वास ने उन पर पलटवार करते हुए निशाना साधा. कुमार ने लिखा, 'हे चिर मुख अतिसार व्याधि पीड़ित! अपनी अज्ञानोत्पादित अखंड अहमन्यताओं के इस अविरल मलप्रवाह में मेरे ट्वीटर को अकारण टैग करने की इस नव्य निकृष्टता हेतु मैं श्राद्ध के प्रथम दिन आपके इस जन्म में असफल पदार्पण का विधानपूर्वक तर्पण करता हूं. स्वीकार करें.'
कुमार के इस जवाब से काटजू नाराज हो गए. इसके बाद उन्होंने एक के बाद एक कई ट्वीट किए.
? Arey kahaan antardhaan ho gaye bhagwan ? Apke mukhar bindu se kuch gyan laabh to praapt ho jaaye ? Ap mere sankat mochan hain, bawajood iske ki apki koi dum nahi hai
— Markandey Katju (@mkatju)
: Apne mera lekh dekha ? ( Kshama karen,,uska avlokan tatha uspar drishtapaat kiya ) ?
— Markandey Katju (@mkatju)
हालांकि, कुमार विश्वास ने खबर लिखे जाने तक काटजू को पलटकर कोई जवाब नहीं दिया है. हालांकि, हिंदी दिवस पर कुमार ने कई ट्वीट किए.
"भाषाएँ और माताएँ शामियानों से नहीं, बेटे-बेटियों से बड़ी होती हैं"... आइए, हम-आप माँ का गर्व बनें।
हिन्दी दिवस की शुभकामनाएँ ❤️🙏🇮🇳
— Dr Kumar Vishvas (@DrKumarVishwas)
कुमार विश्वास ने ट्वीट कर लिखा, "भाषाएँ और माताएँ शामियानों से नहीं, बेटे-बेटियों से बड़ी होती हैं"... आइए, हम-आप माँ का गर्व बनें। हिन्दी दिवस की शुभकामनाएँ.'