इराक में आतंकी संगठन ISIS की गिरफ्त से बचकर भागा हरजीत मसीह गुरुवार को चंडीगढ़ में मीडिया के सामने आया. उसने एक बार फिर इराक के मोसुल शहर में की मौत का दावा किया जिन्हें ISIS ने अगवा कर लिया था.
हरजीत ने मीडिया से बात करते हुए कहा, 'जून के महीने की बात है. हम लोग जिस फैक्ट्री में काम करते थे, वहां ISIS के लोग आए और हमें गाड़ी में बैठाकर ले गए. अगवा किए गए लोगों में 40 भारतीय और कुछ बांग्लादेशी थे. आगे जाकर उन्होंने हमको अलग कर दिया, फिर बंद गाड़ी में डालकर पहाड़ पर ले गए और लाइन में लगाकर फायरिंग की. इस फायरिंग में मैं बच गया. उनके जाने के बाद मैं वहां से उठकर भागा.'
हरजीत उन 40 भारतीयों में शामिल था, जिन्हें मोसुल में इस्लामिक स्टेट के आतंकियों ने पिछले साल जून में अगवा कर लिया था. हरजीत का परिवार पंजाब के गुरदासपुर जिले के पास काला अफगाना गांव में रहता है.Chandigarh: Harjeet Masih returns to India after escaping from ISIS’s clutches in Iraq.
— ANI (@ANI_news)
हालांकि केंद्रीय विदेश मंत्रालय अब भी कर रहा है. सुषमा स्वराज ने कहा कि वह हरजीत मसीह के उस बयान पर यकीन नहीं करतीं, जिसमें वह सभी 39 भारतीयों के मारे जाने का दावा कर रहा है.
Chandigarh: Harjeet Masih returns to India after escaping from ISIS’s clutches in Iraq.
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सुषमा ने कहा कि उन्होंने इराक में फंसे भारतीयों के परिवारों से मुलाकात की है. उन्होंने कहा, 'हमारे पास 8 सूत्र हैं जिन्होंने भारतीयों के जिंदा होने का दावा किया है. इससे पहले हमारे पास हमारे पास 6 सूत्र थे, अब दो और बढ़ गए हैं. आठवें सूत्र की बात पर भरोसा किया जा सकता है. हम अपने जारी रखेंगे.'
I've met family members of Indian nationals who are stranded in Iraq, had discussions with them: EAM Sushma Swaraj
— ANI (@ANI_news)
विदेश मंत्री ने कहा कि मसीह इकलौता शख्स है जो सभी भारतीयों के मारे जाने का दावा कर रहा है, जबकि 8 सूत्र उनके जिंदा होने की जानकारी दे रहे हैं.