स्वच्छ भारत अभियान के तहत अब बीपीएल से ऊपर वाले ग्रामीणों को भी टॉयलेट बनाने के लिए आसान शर्तों पर लोन मिल सकेगा. इसके लिए सरकार बैंकों और माइक्रो फाइनेंसिंग कंपनियों से उपाय पूछ रही है.
केंद्र सरकार गरीबी रेखा से ऊपर यानी निम्न मध्यम आय वर्ग के गांववालों को भी टॉयलेट बनवाने के लिए आर्थिक सहायता मुहैया कराने की मुहिम में लगी है. अब तक तो केंद्र और राज्य सरकार मिलकर गांवों में शौचालय बनवाने के लिए ग्रामीणों को आर्थिक मदद मुहैया करा रही थी. लेकिन की योजना में बीपीएल से थोड़े ऊपर के परिवारों के लिए ऐसी कोई सुविधा नहीं है.
शौचालय को सरकारी मदद
लिहाजा अब चाहें तो बुनियादी सुविधा से युक्त शौचालय बनवा सकेंगे. इसमें शौचालय का पक्का कमरा, छत पर पानी की टंकी और पाइपलाइन और रोशनी का इंतजाम शामिल है. यानी जाहिर है इसमें सरकारी मदद काफी कम होगी. बाकी की रकम के लिए सरकार चाहती है कि ग्रामीणों को आसान शर्तों पर उधार मिल जाए.
ग्रामीण विकास मंत्रालय इस कोशिश में लगा है कि बैंक और माइक्रो फाइनेंस वाली कंपनियां और कारपोरेट घराने इसके लिए आगे आएं. इस क्षेत्र के अधिकारियों और एक्सपर्ट्स के साथ बैठकर सरकार ने मंगलवार को बातचीत भी की. पिछले एक साल में देश भर में स्वच्छ भारत अभियान के तहत बनवा चुकी है.