एफटीआईआई के चेयरमैन पद पर गजेंद्र चौहान की नियुक्ति, उससे उपजे विरोध प्रदर्शन और मंगलवार रात 5 छात्रों की गिरफ्तारी के बाद संस्थान के डायरेक्टर प्रशांत पाठराबे ने पुणे में प्रेस कॉन्फ्रेंस की. उन्होंने एफटीआईआई छात्रों पर ड्रामा रचने और उन्हें अवैध रूप से बंदी बनाने के आरोप लगाए.
बुधवार को पुणे में मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा, '6 लोगों को आने के लिए कहा गया था, लेकिन 40-50 लोग जबरदस्ती आ गए. मेरे पास उनसे बात करने के सिवा कोई चारा नहीं था.'
After the discussion on the agenda of assessment, when I told them my decision, they said we will not allow you to go: P Pathrabe
— ANI (@ANI_news)
उन्होंने आरोप लगाया, 'मुझे छात्रों ने सोमवार रात 8-10 घंटों तक जबरदस्ती कैद में रखा. यह सब कुछ
पहले से तय था ताकि को गलत रूप में पेश किया जा सके. मुझे समझ नहीं
आता कि ऐसे लोगों को 'छात्र' कैसे कहा जा सकता है. वे पूरा ड्रामा करना चाहते थे. सब कुछ पहले से
तय था.'
Initially for couple of hours I refused to call police,but even after 4-5 hrs,they didnt give in,I had no choice but to call police:Pathrabe
— ANI (@ANI_news)
उन्होंने कहा कि प्रदर्शन के शुरुआती दो घंटों तक उन्होंने पुलिस नहीं बुलाई. लेकिन 4-5 घंटे बीतने के
बाद मेरे पास कोई और चारा नहीं बचा.
I am still in a state of mental shock and it will take me a couple of days to come to normal: Prashant Pathrabe
— ANI (@ANI_news)
उन्होंने कहा, 'जब पुलिस आई तो वहां अफरातफरी मच गई. उन्होंने टेलीफोन और फर्नीचर तोड़ डाला.
ऑफिस सील कर दिया गया. उन्होंने मुझे ब्लॉक करने के लिए चेन बनाई. मुझे मौखिक तौर पर
प्रताड़ित किया गया.' उन्होंने कहा कि घटना के बाद से वह हैरान हैं और उन्हें नॉर्मन होने में कम से कम दो दिन लगेंगे.