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...तो इसलिए चंडीगढ़ पहुंचेंगे फ्रांस के राष्ट्रपति फ्रांस्वा ओलांद

फ्रांस के राष्ट्रपति फ्रांस्वा ओलांद भारत यात्रा की शुरुआत चंडीगढ़ से ही करेंगे. दरअसल चंडीगढ़ को मशहूर फ्रेंच आर्किटेक्ट ली कार्बूजिए ने डिजाइन किया है. इसलिए फ्रांस्वा ओलांद 26 जनवरी की गणतंत्र परेड में शिरकत करने से पहले चंडीगढ़ आएंगे.

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फ्रांस के राष्ट्रपति फ्रांस्वा ओलांद
फ्रांस के राष्ट्रपति फ्रांस्वा ओलांद

फ्रांस के राष्ट्रपति फ्रांस्वा ओलांद 26 जनवरी के मौके पर मुख्य अतिथि के तौर पर भारत आ रहे हैं. राष्ट्रपति ओलांद 24 जनवरी को भारत पहुंचेंगे. दरअसल फ्रांस्वा ओलांद गणतंत्र दिवस समारोह में हिस्सा लेने से पहले चंडीगढ़ में एक दिन बिताना चाहते हैं. वह चंडीगढ़ को बारीकी से देखना चाहते हैं. आखिर चंडीगढ़ में ऐसा क्या है जिसकी वजह से फ्रांस के राष्ट्रपति पूरा भारत छोड़कर इसी शहर के मुरीद हो गए.

के नाम से पूरी दुनिया में मशहूर शहर है. भारत यात्रा की शुरुआत चंडीगढ़ से ही करेंगे. दरअसल चंडीगढ़ को मशहूर फ्रेंच आर्किटेक्ट ली कार्बूजिए ने डिजाइन किया है. इसलिए फ्रांस्वा ओलांद 26 जनवरी की गणतंत्र परेड में शिरकत करने से पहले चंडीगढ़ आएंगे. वे यहां आकर ली कार्बूजिए द्वारा डिजाइन की गई हर उस इमारत को देखेंगे जिसने चंडीगढ़ को ना सिर्फ भारत बल्कि पूरी दुनिया में सिटी ब्यूटीफुल की पहचान दी.

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अपनी इस यात्रा के दौरान कैपिटल कॉम्प्लेक्स, पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट, पंजाब-हरयाणा विधानसभा की इमारत को देखने जाएंगे. वे ली कार्बूजिए सेंटर भी जाएंगे. जहां कार्बूजिए से जुड़ी वस्तुएं रखी हैं. यही नहीं वे विश्वविख्यात रॉक गार्डन भी देखेगे. चंडीगढ़ वासी पद्मश्री नेक चांद ने कचरे और कबाड़ को कला का रूप देकर रॉक गार्डन का निर्माण किया था.

की बात की जाए तो 1950 के दशक में तात्कालिक प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू ने का सपना देखा. नेहरू का सपना था कि उत्तर भारत में एक ऐसा शहर बसाया जाए जो मॉडर्न भारत का उदाहरण बने. दुनिया भर से आर्किटेक्ट बुलाए गए. आखिर में फ्रांस के आर्किटेक्ट ली कार्बुजिए को चंडीगढ़ का डिजाइन करने की जिम्मेदारी सौंपी गई. कार्बूजिए की टीम में एमएन शर्मा भारतीय आर्किटेक्ट थे. शर्मा के मुताबिक कार्बुजिए ने चंडीगढ़ को इस तरीके से डिजाइन किया कि जनसंख्या बढ़ने के बावजूद का असली करेक्टर न बदले.

चौड़ी सड़कें और ऊंची इमारतें चंडीगढ़ की सबसे बड़ी खासियत हैं. पूरे शहर में पेड़ो की संख्या इतनी ज्यादा है कि आज भी चंडीगढ़ को ग्रीन शहर का दर्जा हासिल है. चंडीगढ़ को यूनेस्को में हेरिटेज शहर का दर्जा दिलवाने की कोशिश भी चल रही है. चंडीगढ की सरंचना मानव शारीर की तरह की गई थी जैसे सबसे ऊपर दिमाग यानी हाईकोर्ट और विधानसभा सचिवालय को सर बनाया गया है. सेक्टर 17 को शहर का दिल. कार्बूजिए ने बड़ी बिल्डिंग्स इस लिहाज से बनाई कि पहाड़ों की नेचुरल ब्यूटी को लोग देख सकें.

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सूत्रों के मुताबिक को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चंडीगढ़ में रिसीव करेंगे. इतने हाई प्रोफाइल नेताओं की विजिट के लिए चंडीगढ़ में सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए हैं. पूरे शहर में नाकेबंदी की गई है.

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