scorecardresearch
 

तमिलनाडु की पूर्व CM जयललिता का बंगला बनेगा मेमोरियल, मिली हरी झंडी

चेन्नई जिला कलेक्ट्रेट ने तमिलनाडु की पूर्व मुख्यमंत्री जे. जयललिता के बंगले वेद निलयम को मेमोरियल बनाने के लिए हरी झंडी दे दी है. जयललिता की भतीजी दीपा और भतीजे दीपक ने सरकार के इस फैसले का विरोध किया है.

Advertisement
X
जयललिता का बंगला बनेगा मेमोरियल
जयललिता का बंगला बनेगा मेमोरियल

चेन्नई जिला कलेक्ट्रेट ने तमिलनाडु की पूर्व मुख्यमंत्री जे. जयललिता के बंगले 'वेद निलयम' को मेमोरियल बनाने के लिए हरी झंडी दे दी है. जिला प्रशासन ने वेद निलायम को मेमोरियल बनाने को लेकर रिपोर्ट अपनी वेबसाइट पर जारी कर दी है. यह फैसला सात महीने तक चेन्नई के पोएस गार्डन के निवासियों से चर्चा करने के बाद आया है.

रिपोर्ट में लिखा गया है, 'तमिलनाडु की पूर्व मुख्यमंत्री जे. जयललिता एक असाधारण महिला थीं और देशभर की महिलाओं के लिए वह एक रोल मॉडल रही हैं. राज्य सरकार द्वारा उनके घर को सरकारी मेमोरियल बनाने का फैसला एकदम उचित है.'

चेन्नई कलेक्टर आर. सीतालक्ष्मी ने पोएस गार्डन के मुद्दों को लेकर वहां के निवासियों को भी संबोधित किया. जे. जयललिता का घर वेद निलयम पोएस गार्डन में स्थित है. बता दें इस फैसले में इलाके के लोगों की भी भागीदारी रही है. प्रशासन ने मेमोरियल बनाने का फैसला इलाके के लोगों के साथ बैठकों के बाद लिया. रिपोर्ट के मुताबिक प्रशासन की नीति ऑनलाइन बुकिंग सिस्टम, बेहतर सुरक्षा और पार्किंग व्यवस्था देकर मेमोरियल पर लोगों की संख्या बढ़ाने की है.  

Advertisement

जयललिता की भतीजी और भतीजे ने किया विरोध

रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि वेद निलयम को अधिकृत करने और मेमोरियल बनाने का फैसला सही नियमों के तहत लिया गया है और जनता की भलाई के लिए ऐसा किया जा रहा है. हालांकि अदालत में लंबित एक मामले के कारण सरकार के इस फैसले में देरी हो सकती है. जयललिता की भतीजी दीपा और भतीजे दीपक ने सरकार के इस फैसले का विरोध किया है. दोनों ही वेद निलयम को मेमोरियल में बदले जाने के खिलाफ हैं. कोर्ट में उन्होंने खुद को पूर्व मुख्यमंत्री का वारिस घोषित करने की अपील की है.

तमिलनाडु की पूर्व मुख्यमंत्री जयललिता की मृत्यु 5 दिसंबर 2016 को हुई थी. चेन्‍नई के मरीना बीच पर पूरे राजकीय सम्‍मान के साथ उनका अंतिम संस्‍कार हुआ था. मृत्यु के बाद उनकी संपत्ति के वारिस तय करने को लेकर उठा-पटक जारी है.

Advertisement
Advertisement