प्रयागराज में चल रहे कुंभ में एक बार फिर आग लग गई. बताया जा रहा है कि आग सेक्टर-13 के कल्पवासी पंडाल में लगी. मौके पर दमकल की तीन गाड़ियां पहुंच गई और आग पर काबू पा लिया गया. इससे पहले कुंभ में दो बार आग लग चुकी है. आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है. घटना में किसी के भी हताहत होने की खबर नहीं है.
शाही स्नान से एक दिन पहले सेक्टर-16 में संगम तट पर बनाए गए दिगंबर अखाड़े के टेंट में भीषण आग लग गई थी. आग की चपेट में आकर अखाड़े के टेंट में मौजूद काफी सामान जलकर खाक हो गया था. सिलिंडर में लीकेज की वजह से धमाका हुआ था, जिसके बाद आग भड़क उठी थी, जो जल्द ही दिगंबर अखाड़े के कई टेंटों तक फैल गई थी. आग से पूरा पंडाल जलकर खाक हो गया था. घटना के आधे घंटे के भीतर 8 एम्बुलेंस और और दमकल की 6 गाड़ियां घटनास्थल पर पहुंच गई थीं और इसके बाद उन्होंने आग पर 10 मिनट में काबू पा लिया था.
Prayagraj: Fire broke out in a tent at Sector 13 in and was subsequently doused. No injuries reported
— ANI UP (@ANINewsUP)
सेक्टर-13 में पहले भी लग चुकी है आग
आग लगने की दूसरी घटना कुंभ मेला के सेक्टर-13 स्वामी वासुदेवानंद के शिविर में हुई थी. स्वामी वासुदेवानंद के शिविर में भंडारा चल रहा था उसी वक्त आग लग गई थी. आग लगने से भंडारे का टेंट जलकर राख हो गया था, लेकिन अभी उसमें सामान नहीं रखा था इसलिए पेंट के अतिरिक्त किसी और तरीके का नुकसान नहीं हुआ था. शिविर के प्रवक्ता ओंकार नाथ त्रिपाठी ने कहा था कि आग के कारणों का पता नहीं लगाया जा सका, लेकिन यह स्पष्ट है कि उस शिविर में बिजली नहीं थी, इसलिए यह आग शॉर्ट सर्किट से नहीं लगी थी.
कुंभ में तैनात किए गए हैं फायर फाइटिंग बुलेट
बता दें, कुंभ में आग लगने की घटनाओं को रोकने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से 30 फायर फाइटिंग बुलेट भी तैनात किए गए हैं. फायर फाइटिंग बुलेट के दोनों ओर एक-एक अग्नि शमन यंत्र रखा गया है. बुलेट के आगे की ओर दिव्य कुंभ, भव्य कुंभ का स्टीकर और हूटर भी लगाया गया है. इसके अलावा फायर ब्रिगेड के जवानों को एक-एक वाकी-टाकी भी उपलब्ध कराया गया है. इस बुलेट का मकसद मिनटों में किसी भी स्थान पर पहुंचकर आग को बुझाना है.