2012 में फौज की टुकड़ी के दिल्ली कूच करने की खबर पर एक बार फिर सियासत बढ़ गई है. मनीष तिवारी ने शनिवार को दावा किया था कि कूच की खबर सही थी. इस पर बीजेपी रविवार को बचाव की मुद्रा में आ गई. वहीं, कांग्रेस में दो सुर सामने आए.
सुबह-सुबह ही कांग्रेस ने कूच की खबर का आधिकारिक तौर पर खंडन कर दिया. लेकिन तिवारी अपने दावे पर कायम हैं. दोपहर बाद उन्होंने कहा कि बयान में जोड़-घटाव का सवाल ही पैदा नहीं होता. तिवारी इस मुद्दे पर कांग्रेस में ही अलग-थलग पड़ते दिख रहे हैं.
एक ही वक्त में कांग्रेस के दो बयान
पीसी चाको ने कांग्रेस की ओर से कूच की खबर का खंडन किया. बोले- '2012 में छपी उस रिपोर्ट को हम खारिज करते हैं. सरकार की इजाजत के बिना सेना की कोई टुकड़ी दिल्ली की तरफ नहीं बढ़ी थी.' वहीं, इससे कुछ ही देर पहले मणिशंकर अय्यर ने कहा कि जहां तक लगता है कुछ ना कुछ तो हुआ था उस रात, जो संविधान और लोकतंत्र के खिलाफ था.
It appears, something did happen that night which was against the Constitution & democracy- MS Aiyar, Congress
— ANI (@ANI_news)
कांग्रेस ने तिवारी का हर दावा झुठलाया
तिवारी ने बुक लॉन्च के दौरान दावा किया था कि 2012 में वह रक्षा मंत्रालय की स्टैंडिंग कमेटी के सदस्य थे. कांग्रेस ने इसे भी झुठला दिया. प्रवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि 'मेरे साथी तिवारी न तो सुरक्षा पर किसी कैबिनेट कमेटी के सदस्य थे और न ही इस पर फैसला लेने वाली किसी दूसरी संस्था के.'
My colleague (M Tewari) was neither a member of the cabinet committee on security nor any of relevant decision making body..cntd: AM Singhvi
— ANI (@ANI_news)
...it was inappropriate, unnecessary and completely wrong to suggest there was truth in those allegations when made: AM Singhvi, Congress
— ANI (@ANI_news)
वीके सिंह की तिवारी को सलाह- 'मेरी किताब पढ़ लें, सब साफ हो जाएगा'
इससे पहले केंद्रीय मंत्री वीके सिंह ने तिवारी पर पलटवार किया. बोले- 'तिवारीजी के पास आजकल कोई काम नहीं है. मेरी एक किताब है, वो उसे पढ़ लें. सब साफ हो जाएगा.' तब सेना प्रमुख वीके सिंह ही थे. 2013 में वीके सिंह की किताब आई थी करेज एंड कन्विक्शन. इसमें उन्होंने इस घटना का जिक्र किया है.
Former Army Chief General VK Singh on Manish Tewari claims Indian Express troop movement story was correct.
— ANI (@ANI_news)
सुनिए, 2012 में वीके सिंह कैसे आग बबूला हो गए थे इस खबर पर
तिवारी तब चुप क्यों रहेः BJP
वीके सिंह के बाद बीजेपी नेता एसएन सिंह सामने आए. उन्होंने मनीष तिवारी की मंशा पर सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि तिवारी ने तब चुप्पी क्यों साध ली थी जब 2012 में उनकी ही सरकार ने कूच की इस खबर को गलत बता दिया था? उन्होंने तब कुछ क्यों नहीं कहा था? वहीं मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा, मुझे नहीं लगता कि स्टैंडिंग कमेटी में इस तरह के मुद्दों पर बात भी हुई होगी.
कैसे उठा अचानक यह मुद्दा
दरअसल, अंग्रेजी अखबार इंडियन एक्सप्रेस ने अप्रैल 2012 में खबर छापी थी कि सरकार इजाजत के बिना . एक किताब की लॉन्चिंग के दौरान शनिवार को एक सज्जन ने तिवारी से इसी खबर पर पूछ लिया कि क्या यह सच है. इस पर तिवारी ने जवाब दिया, 'दुर्भाग्यवश वह खबर सही थी. ऐसा वाकई हुआ था.'