पुलिस कमिश्नर नीरज कुमार ने दिल्ली पुलिस केंद्र के अधीन ही बने रहने की वकालत की है. उनका कहना है कि पुलिस को राज्य सरकार के तहत करने से कानून व्यवस्था बनाए रखने में कई तरह की दिक्कतें आ सकती हैं.
गौर करने वाली बात यह है कि दिल्ली की मुख्यमंत्री की मांग करती रहीं हैं कि
पुलिस कमीश्ननर ने कहा कि आगे चलकर ऐसा भी हो सकता है कि केंद्र और राज्य में अलग-अलग पार्टियों की सरकारें हों. ऐसे में देश की राजधानी होने की वजह से अगर किसी खास मौके पर और राज्य इस पर ऐतराज़ कर दे, तो दिक्कत हो सकती है.
कमिश्नर ने ये भी माना है कि ट्रैफिक दुरुस्त करना भी दिल्ली पुलिस के लिए एक बड़ी चुनौती है, लेकिन ये एक मुश्किल चुनौती है, क्योंकि राजधानी में गाड़ियों की संख्या तेज़ी से बढ़ रही है. उन्होने बताया कि दिल्ली में हर रोज बारह हजार गाड़ियों का रजिस्ट्रेशन होता है.