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कोरोना वायरस: नेपाल से भारत आने वालों की हो रही है सघन मेडिकल जांच

चीन और नेपाल से जुड़े उत्तराखंड के खटीमा और बनबसा में भी कोरोना वायरस के दहशत का असर दिख रहा है. दोनों देशों के बीच सीमा खुली है. अपने रिश्तों और व्यापार को लेकर प्रत्येक दिन यहां से लोगों की आवाजाही होती है.

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कोरोना वायरस से निपटने के लिए भारत की तैयारी
कोरोना वायरस से निपटने के लिए भारत की तैयारी

  • चीन और नेपाल से जुड़ा है उत्तराखंड का खटीमा और बनबसा
  • प्रत्येक दिन व्यापार के लिए यहां से लोगों की होती है आवाजाही

चीन में कोरोना वायरस फैलने के बाद से विश्व के अन्य देश भी फूंक-फूंक कर कदम रख रहे हैं. कोरोना वायरस के प्रसार को रोकने के लिए चीन से वापस आने वाले सभी लोगों की पूरी जांच की जा रही है. वहीं भारत में भी चीन से आने वाले सभी भारतीय नागरिकों की पहले जांच की जा रही है, फिर उन्हें आइसोलेशन वॉर्ड में रखकर देखा जा रहा है कि कहीं वो इस बीमारी से ग्रस्त तो नहीं?

भारत ने कोरोना वायरस के प्रसार को रोकने के लिए वायु मार्ग और जल मार्ग से जुड़ी सभी सीमा को सील कर दी है. वहीं कुछ ऐसे लोग भी हैं जो नेपाल के रास्ते भारत में प्रवेश कर रहे हैं.

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भारत सरकार ने कोरोना वायरस के दहशत को देखते हुए एहतियातन नेपाल के रास्ते आने वालों पर कड़ी निगरानी रख रहे हैं. चीन और नेपाल से जुड़े उत्तराखंड के खटीमा और बनबसा में भी कोरोना वायरस के दहशत का असर दिख रहा है. दोनों देशों के बीच सीमा खुली है. अपने रिश्तों और व्यापार को लेकर प्रत्येक दिन यहां से लोगों की आवाजाही होती है.

वहीं चीन से नेपाल के भी घनिष्ठ संबंध होने की वजह से नेपाल के नागरिकों का चीन आना जाना लगा रहता है. ऐसे में उत्तराखंड के खटीमा और बनबसा के रास्ते भारत आने वाले नेपालियों से वहां रह रहे लोगों के अंदर एक डर बैठ गया है. कहीं वो आते-जाते कोरोना वायरस तो नहीं ला रहे हैं. भारत सरकार ने इस तरह की सभी आशंकाओं को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा बढ़ा दी है. वो ना केवल सामान की चेकिंग कर रहे हैं बल्कि लोगों के स्वास्थ्य का निरीक्षण भी कर रहे हैं कि कहीं उन्हें कोरोना वायरस से जुड़ा कोई रोग तो नहीं है.

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कोरोना वायरस से निपटने के लिए सरकार ने सीमा पर हेल्थ चौकियां बानाई. सीमा पार से भारत में प्रवेश करने वाले लोगों की कड़ी स्वास्थ स्क्रीनिंग की जा रही है. इसके अलावा स्थानीय लोगों को जागरूक करने के लिए कई संदेश भी लिखे गए हैं. इसके अलावा लोगों को इससे बचने के उपाय भी बताए जा रहे हैं.

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