मेजबान दक्षिण अफ्रीका को 22 सितंबर से शुरू होने वाली आईसीसी चैंपियन्स ट्राफी में खिताब का प्रबल दावेदार बताने वाले वसीम अकरम और संजय मांजरेकर ने कहा कि भारत की गेंदबाजी उसका कमजोर पक्ष है जिसके कारण उसका दावा थोड़ा कमजोर पड़ गया है.
भारत को जहीर की कमी खलेगी
चैंपियन्स ट्राफी के अनावरण के संबंध में यहां आयोजित कार्यक्रम में अपने जमाने के इन दोनों दिग्गजों ने माना कि भारत को दक्षिण अफ्रीका में होने वाले इस टूर्नामेंट में बायें हाथ के तेज गेंदबाज जहीर खान की कमी खलेगी जो कंधे की चोट से उबर रहे हैं. पूर्व भारतीय टेस्ट क्रिकेटर और अब कमेंटेटर की भूमिका निभाने वाले मांजरेकर ने कहा कि गेंदबाजी भारत का कमजोर पक्ष है और उसके बल्लेबाजों को इसकी भरपायी करनी पड़ रही है. जहीर की अनुपस्थिति में भारतीय तेज आक्रमण कमजोर पड़ गया है और ऐसे में हरभजन पर काफी दबाव होगा.
नेहरा और इशांत की जिम्मेदारी बढ़ी
पाकिस्तान के पूर्व कप्तान अकरम ने भी उनकी हां में हां मिलायी लेकिन साथ ही कहा कि यदि इशांत शर्मा विकेट से अधिक दूर हटकर गेंदबाजी नहीं करें तो उनका लंबा कद दक्षिण अफ्रीकी पिचों पर उनके लिये मददगार बन सकता है. अकरम ने कहा कि मैं संजय से सहमत हूं. जहीर के बाहर होने से भारतीय तेज आक्रमण कमजोर हुआ है. ऐसे में आशीष नेहरा और इशांत शर्मा की जिम्मेदारी बढ़ गयी है. दक्षिण अफ्रीका में इशांत अपनी लंबाई का फायदा उठा सकता है लेकिन मुझे लगता है कि अभी वह गेंदबाजी करते समय विकेटों से काफी दूरी से जंप कर रहा है.