भीम आर्मी के प्रमुख चंद्रशेखर के वकीलों ने उनकी तत्काल चिकित्सा उपचार की मांग करते हुए तीस हजारी कोर्ट में अर्जी दाखिल की है. अर्जी में कहा गया है कि चंद्रशेखर पॉलीसिथेमिया (मोटा खून) से पीड़ित हैं और एम्स के हेमटोलॉजी विभाग में नियमित चिकित्सा की जरूरत है.
कोर्ट अब मंगलवार को मामले की सुनवाई करेगा. बता दें कि चंद्रशेखर आजाद पिछले कुछ दिनों से गिरफ्तार हैं और उनकी जेल में तबीयत बिगड़ रही है. आजाद के फिजिशियन डॉ हरजीत सिंह भट्टी ने बीते दिनों इसे लेकर ट्वीट भी किया था.
उन्होंने बताया कि आजाद एक ऐसी बीमारी से जूझ रहे हैं जिनमें उनमें हर दो हफ्तों में इलाज के लिए एम्स जाना पड़ता है. अगर उन्हें ये ट्रीटमेंट नहीं मिलती है तो अचानक कार्डियाक अरेस्ट से उनकी जान भी जा सकती है. उन्होंने ये भी कहा कि आजाद पिछले एक साल से इस बीमारी का इलाज करा रहे हैं.
प्रियंका ने की थी भेजने की मांग
वहीं, कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने केंद्र सरकार पर भीम आर्मी के अध्यक्ष चंद्रशेखर रावण को बिना कारण जेल में रखने का आरोप लगाया. रविवार को उन्होंने ट्वीट किया कि तबियत खराब होने पर भी चंद्रशेखर को इलाज कराने की इजाजत नहीं दी जा रही. प्रियंका ने चंद्रशेखर को एम्स भेजने की मांग की. बता दें 20 दिसंबर को दिल्ली में जामा मस्जिद के पास बिना इजाजत रैली निकालने को लेकर चंद्रशेखर को 21 दिसंबर को गिरफ्तार किया गया था. तब से वो जेल में बंद हैं.
चंद्रशेखर आजाद संविधान की प्रति के साथ जामा मस्जिद में नागरिकता कानून के खिलाफ नारेबाजी करते भी नजर आए थे. हालांकि, पुलिस ने चंद्रशेखर को मार्च की इजाजत नहीं दी थी. उन्हें जामा मस्जिद के बाहर से हिरासत में लिया गया था. पुलिस ने उन्हें कुछ दिनों पहले अरेस्ट करने की कोशिश की थी जब वो नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में जामा मस्जिद इलाके में प्रदर्शन कर रहे थे, लेकिन तब उनके समर्थक उन्हें वहां से ले जाने में सफल रहे थे.