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योगी सरकार का फैसला, UP की 163 नदियों में विसर्जित की जाएंगी वाजपेयी की अस्थियां

पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की अस्थियां को उत्तर प्रदेश के 75 जिलों की 163 नदियों में विसर्जित किया जाएगा. वहीं उत्तर प्रदेश सरकार ने ये भी तय किया है कि वो पूर्व प्रधानमंत्री के नाम पर चार स्मारकों का निर्माण कराएगी.

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शुक्रवार को हुआ वाजपेयी का अंतिम संस्कार
शुक्रवार को हुआ वाजपेयी का अंतिम संस्कार

पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी के अंतिम संस्कार के बाद अब रविवार यानी 19 अगस्त को उनकी अस्थियां उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ पहुंचेंगी. वाजपेयी की अस्थियों को प्रदेश के 75 जिलों की 163 नदियों में विसर्जित किया जाएगा.  

वहीं वाजपेयी के के कार्यक्रम के लिए राज्य के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रविवार को हरिद्वार जाएंगे. हर की पौड़ी पर वाजपेयी की अस्थियों का विसर्जन होगा. इस दौरान न केवल सीएम योगी बल्कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह, गृह मंत्री राजनाथ सिंह समेत बीजेपी के कई दिग्गज नेताओं के हरिद्वार पहुंचने की संभावना है.  

बता दें कि हरिद्वार स्थित हर की पौड़ी पर ब्रह्मकुंड में अस्थि विसर्जन का कार्यक्रम होना है. इस कार्यक्रम में बीजेपी के राष्ट्रीय पदाधिकारियों के साथ हजारों कार्यकर्ता भी शामिल होंगे.

मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ ने घोषणा की है कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की अस्थियां प्रदेश के सभी जिलों की मुख्य नदियों में विसर्जित की जाएंगी. सरकार के एक बयान के मुताबिक ऐसा इसलिए किया जाएगा ताकि हर जिले में लोगों को उनकी इस अंतिम यात्रा से जोड़ा जा सके. ये देश के इतिहास में पहला मौका है जब किसी राजनेता की अस्थियों को इतनी जगहों पर विसर्जित करने का कार्यक्रम बनाया गया है. 

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                 उत्तर प्रदेश अटल जी की कर्मभूमि रहा है। प्रदेश के हर क्षेत्र से उनका गहरा लगाव था। उनकी अस्थियां समस्त जनपदों की प्रमुख नदियों में प्रवाहित की जाएंगी ताकि राज्य की जनता को भी उनकी अंतिम यात्रा से जुड़ने का अवसर प्राप्त हो सके: श्री

जानकारी के मुताबिक इन अस्थियों को लखनऊ मे गोमती, गोरखपुर मे घाघरा, राप्ती, रोहिन, कुआनो और आमी, बलरामपुर में राप्ती, इलाहाबाद मे गंगा, यमुना और तम्सा, वाराणसी मे गंगा, गोमती और वरुणा, कानपुर में  गंगा, कानपुर देहात में यमुना, अलीगढ़ में गंगा तथा करवन, कासगंज में गंगा, अंबेडकरनगर में घाघरा और तम्सा, आगरा में यमुना तथा चम्बल नदी में विसर्जित किया जाएगा.

इसके अलावा आजमगढ़, बदायूं, बहराइच, बलिया, बांदा, बाराबंकी, बरेली, बस्ती, बिजनौर, बुलंदशहर, अमेठी, अमरोहा, औरेया, चित्रकूट, देवरिया, एटा, इटावा, फैजाबाद, फर्रूखाबाद, फतेहपुर, फिरोजाबाद, गौतमबुद्धनगर, गाजियाबाद समेत प्रदेश के तमाम जिलों की प्रमुख नदियों में वाजपेयी की अस्थियां विसर्जित की जाएंगी.

चार स्मारकों का निर्माण कराएगी यूपी सरकार

उत्तर प्रदेश सरकार ने तय किया है कि वो पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के नाम पर चार स्मारकों का निर्माण कराएगी. सरकार एक स्मारक का निर्माण आगरा स्थित अटल के पैतृक गांव बटेश्वर में कराएगी, वहीं दूसरा बलरामपुर में कराया जाएगा.

बलामपुर से ही अटल पहली बार 1957 में लोकसभा पहुंचे थे. तीसरा स्मारक कानपुर में बनाने की योजना है, क्योंकि यहां स्थित डीएवी कॉलेज से अटल बिहारी वाजपेयी ने उच्च शिक्षा ग्रहण की थी. चौथा स्मारक लखनऊ में बनाने की योजना है. दरअसल, लखनऊ सीट से वो पांच बार लोकसभा सदस्य रहे.

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