scorecardresearch
 

छत्तीसगढ़ में नौ नए जिले बनाने की घोषणा

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री रमन सिंह ने राज्य में नौ नए जिलों का गठन करने की घोषणा की है. राज्य में अब 27 राजस्व जिले होंगे. नौ नए जिले नए वर्ष से अस्तित्व में आ जायेंगे.

Advertisement
X

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री रमन सिंह ने राज्य में नौ नए जिलों का गठन करने की घोषणा की है. राज्य में अब 27 राजस्व जिले होंगे. नौ नए जिले नए वर्ष से अस्तित्व में आ जायेंगे.

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री रमन सिंह ने प्रदेशवासियों को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर नौ नए जिलों की ऐतिहासिक सौगात दी. उन्होंने यहां पुलिस परेड मैदान में आयोजित स्वतंत्रता दिवस के राज्य स्तरीय मुख्य समारोह में सुकमा, कोंडागांव, गरियाबंद, बलौदाबाजार, बालोद, बेमेतरा, मुंगेली, सूरजपुर और बलरामपुर को नया जिला बनाने की घोषणा की. उन्होंने कहा कि यह जिले जनवरी 2012 से अस्तित्व में आ जायेंगे.

सिंह ने कहा कि शासन-प्रशासन को जनता के नजदीक पहुंचाने के लिए यह ऐतिहासिक फैसला उनकी सरकार ने लिया है, जो राज्य के प्रशासनिक इतिहास में मील का पत्थर साबित होगा. मुख्यमंत्री द्वारा आज घोषित नौ नए जिलों को मिलाकर छत्तीसगढ़ में राजस्व जिलों की संख्या 27 तक पहुंच जाएगी. सिंह ने इसके पहले वर्ष 2007 में नारायणपुर और बीजापुर को जिले का दर्जा दिया था. उनके नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा पिछले चार सालों में गठित किए गए जिलों की संख्या अब 11 तक पहुंच जाएगी.

Advertisement

मुख्यमंत्री ने आज यहां पुलिस परेड मैदान में स्वतंत्रता दिवस समारोह में जनता के नाम संदेश में कहा कि शांति और विकास एक रथ के दो पहिए हैं. हम इन दोनों पहिए को एक साथ चलाकर छत्तीसगढ़ को देश का सबसे समृद्ध और खुशहाल राज्य बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं.

सिंह ने कहा कि राज्य में स्वतंत्रता तभी तक फल-फूल सकती है, जब-तक वह राष्ट्रीय संस्कृति को पोषण देने के लिए आहार जुटाती है. हमारे प्रेरणास्त्रोत एकात्म-मानववाद और अंत्योदय के प्रणेता पं. दीनदयाल उपाध्याय जी का यह विचार हमें अपने परिवेश में सही ढंग से सोचने की शक्ति देता है. उन्होंने कहा कि अच्छी अर्थव्यवस्था और प्रबंध कुशलता के लिए छत्तीसगढ़ की अब देश में खास पहचान है. हमारा स्वयं का राजस्व 14 हजार 141 करोड़ रूपया है जो कि केन्द्रीय अनुदान 11 हजार 660 करोड़ रूपए से अधिक है.

सिंह ने कहा कि राज्य में सूचना प्रौद्योगिकी की कारगर अधोसंरचना का विकास किया गया है. ई-प्रशासन, ई-प्रोक्योरमेंट, चॉइस, धान खरीदी तथा पीडीएस का कम्प्यूटरीकरण आदि परियोजनाओं के माध्यम से विकासपरक तथा जनहितकारी योजनाओं को प्रभावकारी व पारदर्शी बनाया गया है.

उन्होंने कहा कि हमने देश में सबसे पहले न्यूनतम तीन प्रतिशत ब्याज दर पर कृषि ऋण देने की शुरूआत की थी. विगत वर्ष कृषि ऋण प्रदाय का लक्ष्य 15 सौ करोड़ रूपए था, जिसे बढ़ा कर 1800 करोड़ रूपए कर दिया है.

Advertisement

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में शिक्षा के विकास के लिए विगत पांच वर्षो में प्राथमिक से उच्च माध्यमिक तक चार हजार 249 नई पाठशालाएं खोली गई हैं. इस वर्ष 934 पादशालाएं खोलने तथा दो हजार नयी पाठशाला भवन बनाने की मंजूरी दी गई है.

Advertisement
Advertisement