कालाधन के मुद्दे पर 4 जून से अनशन पर नहीं जाने का से आग्रह करते हुए ने उन्हें आश्वासन दिया कि भ्रष्टाचार के समाधान के लिए ‘व्यावहारिक उपाय’ खोजा जाएगा.
राष्ट्रपति भवन में एक कार्यक्रम के बाद बाबा रामदेव के अनशन के संबंध में संवाददाताओं के सवालों के जवाब में सिंह ने कहा, ‘यह व्यक्गित मुद्दा नहीं है. हम सभी रामदेव की इस बात से सहमत हैं कि एक बड़ी समस्या है और अपने पूरे संसाधनों से हम इससे निपटने को प्रतिबद्ध हैं.’ इससे पहले प्रधानमंत्री ने रामदेव को लिखे पत्र में शासन में सुधार लाने के उनके सुझावों का स्वागत किया था.
उन्होंने बाबा को आश्वासन दिया कि समाज के प्रतिनिधियों के साथ मिलकर सरकार एक खुशहाल भारत निर्मित करने को तत्पर है.
सिंह ने उन्हें बताया कि वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी और उनके वरिष्ठ अधिकारी उनके द्वारा उठाए गए मुद्दों पर उनसे विचार विमर्श जारी रखेंगे.
प्रधानमंत्री ने अपने पत्र में उम्मीद जताई कि इन सब बातों को देखते हुए अब आप आमरण अनशन के अपने निर्णय को बदलेंगे. उन्होंने कहा, हम बाबा रामदेव के साथ मिल कर समस्या का व्यवहारिक समाधान खोजेंगे. सवाल यह है कि इस संबंध में क्या संभावित रास्ता है और क्या व्यावहारिकता है.