इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने ग्रेटर नोएडा में विकास कार्यों के लिए 3,000 हेक्टेयर जमीन के अधिग्रहण को चुनौती देने वाले किसानों से कहा है कि वे सरकार से मिले मुआवजे का विस्तृत विवरण जमा करायें.
गौतम बुद्ध नगर जिले के किसानों द्वारा दायर लगभग 500 याचिकाओं की सुनवाई के दूसरे दिन न्यायमूर्ति अशोक भूषण, न्यायमूर्ति एस यू खान और न्यायमूर्ति वी के शुक्ला की पीठ ने यह आदेश दिया है.
रियल एस्टेट डेवलपर्स ने अदालत से कहा था कि किसान वास्तव में अपनी जमीन वापस पाने के इच्छुक नहीं हैं और ज्यादातर किसान बेहतर मुआवजा चाहते हैं. इसके बाद पीठ ने यह निर्देश दिया.
बिल्डरों ने अदालत से आग्रह किया था कि वह अधिग्रहण को रद्द करने संबंधित फैसला नहीं दें क्योंकि इससे आवासीय परियोजनाओं पर असर पड़ेगा और लगभग एक दर्जन रियल एस्टेट कंपनियां और फ्लैट खरीदने वाले हजारों लोग इससे प्रभावित होंगे.