मध्यप्रदेश कांग्रेस ने विधानसभा के मानसूत्र सत्र में भ्रष्टाचार के मुद्दे को जोरशोर से उठाने के अलावा ध्वस्त कानून व्यवस्था, गेहूं खरीदी घोटाला, बिजली और स्थानीय मुद्दों पर सरकार को घेरने का निर्णय किया है.
नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने कांग्रेस विधायक दल की बैठक में विधायकों से कहा कि भाजपा के कुशासन के खिलाफ पूरी ताकत के साथ हल्ला बोलना होगा, क्योंकि यह सरकार गूंगी और बहरी हो चुकी है.
उन्होंने सत्ता के संरक्षण में पले बढ़े दो कारोबारियों के यहां पड़े आयकर छापों को सरकार की असली तस्वीर बताते हुए कहा कि आज पूरा प्रदेश भ्रष्टाचार की गिरफ्त में है.
सिंह ने कहा कि अपने नजदीकियों के यहां पड़े छापों से जहां मुख्यमंत्री मौन हैं, वहीं उनकी पार्टी के अध्यक्ष और सरकार के मंत्री बेशर्मी के साथ भ्रष्टाचारियों के समर्थन में सीना ठोंक रहे हैं और आयकर विभाग पर बदनाम करने का आरोप लगा रहे हैं.
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि गेहूं खरीदी में सरकार ने स्वयं अपने चेहरे पर जो किसान हितैषी का नकाब लगाया था, वह उतर चुका है. उन्होंने कहा कि किसानों के साथ धोखाधडी कर उनका गेहूं छोड़कर भाजपा सरकार ने अपने नाते रिश्तेदारों, सार्वजनिक वितरण प्रणाली का पुराना गेहूं खरीदकर करोडों का घोटाला किया है. उन्होंने कहा कि गेहूं बेचने में इस प्रदेश के किसानों ने जो पीड़ा भोगी है, लाठी गोली खाई है, उसका हिसाब इस सरकार से मांगा जायेगा.