मलेशिया ने पिछड़ने के बाद वापसी करते हुए जापान पर 3-2 से जीत दर्ज की, जिससे भारतीय टीम एशियाई चैम्पियंस ट्राफी हाकी टूर्नामेंट के फाइनल में पहुंच गयी जहां उसका सामना चिर प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान से होगा. जापान को फाइनल में पहुंचने के लिये इस मैच में जीत की दरकार थी लेकिन हाफ टाइम में 2-0 की बढ़त के बावजूद मलेशियाई टीम दूसरे हाफ में 24 मिनट के अंदर तीन गोल कर अहम जीत हासिल की.
जापान की हार का फायदा भारत को मिला जिसने पाकिस्तान के खिलाफ रविवार को होने वाले फाइनल में जगह बनायी. पाकिस्तान और भारत की टीमें टूर्नामेंट की शीर्ष दो टीमें रहीं जिनके राउंड रोबिन लीग में क्रमश: 10 और नौ अंक रहे. भारत और पाकिस्तान के बीच हुआ रोमांचक ग्रुप मैच 2-2 से बराबर रहा था.
मलेशिया और जापान की टीमों के सात-सात अंक हैं और अब दोनों टीमें तीसरे चौथे स्थान के लिये फिर एक दूसरे से भिड़ेंगी. कोरियाई टीम पांचवें छठें स्थान के लिये चीन से खेलेगी. दोनों टीमों के बीच हुआ अंतिम लीग मैच 1-1 से बराबर रहा था. कोरिया के सात अंक हैं लेकिन माइनस एक गोल अंतर से वह तालिका में नीचे खिसक गयी.
इससे पहले भारत ने पिछड़ने के बाद जोरदार वापसी करते हुए अपने अंतिम ग्रुप मुकाबले में पाकिस्तान से 2-2 से ड्रा खेला. टूर्नामेंट में अब तक अजेय रही भारतीय टीम ने पहले हाफ में दबदबा बनाया. टीम हालांकि दो मिनट में दो गोल गंवाने के बाद 0-2 से पिछड़ गई लेकिन वापसी करते हुए उसने बराबरी पा ली.
इस ड्रा के साथ पाकिस्तान ने तीन जीत और एक ड्रा से 10 अंक जुटाकर खिताबी मुकाबले में जगह बना ली. भारत राउंड रोबिन मुकाबलों में दो जीत और तीन ड्रा के साथ नौ अंक जुटाकर दूसरे स्थान पर था लेकिन उसका फाइनल में जगह बना पाना जापान और मलेशिया के बीच मैच पर निर्भर था.
मलेशिया की जापान पर जीत से भारत को फाइनल में खेलने का सुनहरा मौका मिल गया. पाकिस्तान ने मोहम्मद वकास (40वें मिनट) और मोहम्मद इरफान (42वें मिनट) के गोल की मदद से 2-0 की बढ़त बनाई लेकिन रूपिंदर और दानिश मुज्तबा ने भारत को बराबरी दिला दी.
मुज्तबा का डिफलेक्शन से दागा बराबरी का गोल हालांकि विवादास्पद रहा और न्यूजीलैंड के रैफरी साइमन टेलर ने शुरू में गोल नहीं दिया था लेकिन भारत के अपील करने पर दक्षिण कोरियाई अंपायर ने टेलर से सलाह के बाद इसे गोल दे दिया.
सात डिग्री तापमान के कारण कड़ाके की सर्दी के बीच भारत और पाकिस्तान दोनों ने धीमी शुरूआत की और मिडफील्ड पर एक दूसरे को परखा. धीरे-धीरे भारत ने दबाव बनाने की कोशिश की और दायें छोर से पाकिस्तान के डिफेंस को भेदकर मौके बनाये. मुज्तबा, गुरविंदर सिंह चांडी, रवि पाल और सुनील ने पाकिस्तान के सर्कल के अंदर कुछ बेहतर पास देकर विरोधी टीम पर दबाव बनाया.
फारवर्डस हालांकि इन मौकों का फायदा नहीं उठा पाये. भारतीय मिडफील्ड ने एक दो गलतियों को छोड़कर बेजोड़ खेल दिखाया. रवि पाल और गुरबाज सिंह ने पाकिस्तान के डिफेंस को दबाव में डाले रखा. इस मैच में पेनल्टी कार्नर में भारत की कमजोरी एक बार फिर उजागर हुई. टीम को 20वें और 21वें मिनट में लगातार दो पेनल्टी कार्नर मिले लेकिन दोनों प्रयास नाकाम रहे. रूपिंदर पाल और रघुनाथ के सीधे शाट को रोकने में पाकिस्तान के गोलकीपर का कोई परेशानी नहीं हुई.
पाकिस्तान को पहला मौका 23वें मिनट में मिला. शफकत रसूल को सिर्फ भरत छेत्री को छकाना था लेकिन भारतीय गोलकीपर ने विरोधी खिलाड़ी के प्रयास को नाकाम कर दिया. मध्यांतर तक दोनों ही टीमें कोई गोल नहीं कर पाई. दूसरे हाफ के पांचवें मिनट में ही वसीम अहमद ने भारत के प्रयास को बीच में रोकते हुए गेंद भारत के सर्कल में वकास के पास पहुंचाई.
पाकिस्तान के स्ट्राइकर ने भारतीय गोलकीपर छेत्री को छकाकर इसे आसानी से गोल में पहुंचाते हुए टीम को 1-0 से आगे कर दिया. दो मिनट बाद शकील अब्बासी और फारवर्डस ने आगे बढ़ते हुए पाकिस्तान के लिए पहला पेनल्टी कार्नर हासिल किया. इरफान ने पेनल्टी कार्नर का पूरा फायदा उठाते हुए नेट के दाहिने कोने पर गोल डालकर पाकिस्तान को 2-0 की बढ़त दिला दी.
सुनील और मुज्तबा ने इसके बाद भारत को वापसी दिलाई. दोनों ने तेज मूव बनाते हुए भारत को मैच का तीसरा पेनल्टी दिलाया. इग्नेस टिर्की हालांकि गेंद को नहीं रोक पाये और लग रहा था कि यह प्रयास भी विफल हो जाएगा लेकिन टिर्की ने सतर्कता दिखाते हुए गेंद मुज्तबा की ओर पहुंचाई जिनके सटीक पास पर रुपिंदर ने गोल दाग दिया. इस गोल से भारतीय टीम में नयी ऊर्जा आ गई. पाकिस्तान और भारत दोनों इसके बाद गोल की तलाश में हमले करने लगे.
भारत को 53वें मिनट में मौका मिला. मनजीत कुल्लू ने पाकिस्तानी सर्कल में पास दिया और गेंद मुज्तबा की स्टिक से टकराकर गोल में चली गई. भारतीय खिलाड़ी जश्न मनाने लगे लेकिन न्यूजीलैंड के अंपायर टेलर ने पाकिस्तान को फ्री हिट का संकेत दिया.
भारतीय खिलाड़ियों ने तुरंत इसका विरोध किया और मुज्तबा ने कहा कि गेंद उनकी स्टिक से लगकर गई है. साइमन इसके बाद कोरियाई अंपायर यू सू लांग के पास गये और उनके साथ सलाह के बाद भारत के पक्ष में गोल दे दिया. पाकिस्तान ने इसका विरोध किया लेकिन साइमन ने मैच जारी रखने का इशारा किया.
इसके बाद दोनों टीमों के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिली. भारत को 59वें मिनट में एक और पेनल्टी कार्नर मिला लेकिन यह बेकार चला गया. मैच में जब केवल आठ मिनट का खेल बचा था तब पाकिस्तान को बेहद आसान मौका मिला और अब्दुल हसीम भारतीय गोलमुख के सामने छेत्री के सही स्थिति में नहीं होने का फायदा नहीं उठा पाये और गेंद को बाहर मार बैठे. पाकिस्तान से इसके बाद सुरक्षित होकर खेलते हुए मैच ड्रा कराना ही बेहतर समझा जो उसे फाइनल में जगह दिलाने के लिए काफी था.