के खुलासे के बाद अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी की मांग करते हुए सड़क पर उतर आए. में लेकर बवाना में बनाई अस्थाई जेल में बंद कर दिया. शुक्रवार रात केजरीवाल और उनके साथियों को जेल में ही काटनी पड़ेगी.
सूत्रों की माने तो शनिवार सुबह केजरीवाल और उनके साथियों के रिहा होने की उम्मीद है. लेकिन केजरीवाल ने साफ किया है कि वो तब तक आंदोलन जारी रखेंगे, जब तक तक सलमान खुर्शीद से इस्तीफा लेकर उनकी गिरप्तारी नहीं हो जाती.
दिल्ली में विरोध प्रदर्शन के दौरान अरविंद केजरीवाल को हिरासत में ले लिया गया है. उनके साथ प्रधानमंत्री आवास की ओर बढ़ रहे मनीष सिसौदिया, गोपाल राय और बड़ी संख्या में आईओसी के अन्य सदस्यों को भी हिरासत में लिया गया है.
केजरीवाल ने कहा, गिरफ्तार हों खुर्शीद दंपति
अरविंद केजरीवाल ने कहा है कि ट्रस्ट में गड़बड़ी करने के मामले में केंद्रीय कानून मंत्री सलमान खुर्शीद और लुईस खुर्शीद को गिरफ्तार किया जाना चाहिए. केजरीवाल ने कहा कि जब तक उन्हें प्रधानमंत्री से मिलने नहीं दिया जाएगा, तब तक धरना-प्रदर्शन जारी रहेगा.
प्रधानमंत्री ने नहीं दिया मिलने का वक्त
इस मसले पर बात करने के लिए अरविंद केजरीवाल प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से मुलाकात करना चाहते हैं, जबकि प्रधानमंत्री ने उन्हें मिलने का वक्त देने से साफ मना कर दिया है.
भ्रष्टाचार के खिलाफ आंदोलन खड़ा करके सियासत में कदम रख चुके अरविंद केजरीवाल प्रधानमंत्री आवास का घेराव कर रहे हैं. ने अरविंद केजरीवाल को सियासी संघर्ष का एक बड़ा मुद्दा दे दिया है.
सलमान खुर्शीद के इस्तीफे की मांग
अरविंद केजरीवाल सलमान खुर्शीद के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रधानमंत्री आवास का घेराव करने वाले हैं. इस अहम मसले पर देशवासियों की निगाहें टिकी हुई हैं. वैसे मुद्दा कोई भी हो, अरविंद केजरीवाल उसे सबसे पहले लपक लेते हैं. जब मामला किसी भ्रष्टाचार से जुड़ा हो, तो देरी हो ही नहीं सकती.
अरविंद केजरीवाल के निशाने पर अब सलमान खुर्शीद हैं. आजतक के ऑपरेशन धृतराष्ट्र में जब खुलासा हुआ कि सलमान खुर्शीद की संस्था जाकिर हुसैन मेमोरियल ट्रस्ट में बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़ा है, तो अरविंद केजरीवाल ने एक सुर में ही खुर्शीद के इस्तीफे की मांग शुरू कर दी.
विकलांगों के साथ धोखे का मुद्दा
पहले मांग, फिर दबाव और तब भी बात न बनी, तो धरना-प्रदर्शन का निर्णय किया गया. विकलांगों के साथ धोखे को मुद्दा बनाकर केजरीवाल प्रधानमंत्री आवास के बाहर धरना देने वाले हैं. सबसे खास बात तो यह है कि अपनी ताकत बढ़ाने के लिए केजरीवाल ने शारीरिक रूप से कमजोर लोगों की एक सेना भी खड़ी कर ली है. ये सब लोग भी धरना में केजरीवाल के साथ रहेंगे.
सियासी हस्तियों पर निशाना
पहले रॉबर्ट वाड्रा निशाने पर आए और अब सलमान खुर्शीद. अरविंद केजरीवाल जानते हैं कि सियासत में सबसे जरूरी है मशहूर होना और मशहूर होने के लिए मशहूर हस्तियों को निशाना बनाना आसान रास्ता है.
मुद्दा गरमाने की पूरी तैयारी
अरविंद केजरीवाल का वार अब तक तो सही निशाने पर है. अब सवाल यह है कि क्या वे अपनी मांगों को लेकर धरना दे पाएंगे. केजरीवाल को यह भी बखूबी पता है कि इस मामले पर उनके दोनों हाथों में लड्डू है. अगर दे पाए तो धरना हिट, अगर हटा दिए गए तो मुद्दा हिट.