रीबॉक इंटरनेशनल भारत में एक टिकाऊ कारोबारी माडल पर काम कर रही है. उसकी मूल कंपनी जर्मनी की एडिडास ने भारत में एक डॉलर कीमत का जूता बेचने की योजना बनाई है, जिसके तहत रीबॉक यह तैयारी कर रही है.
रीबॉक के करीब 5,000 जोड़ी जूतों का बांग्लादेश के तीन गांवों में पिछले साल परीक्षण करने के बाद कंपनी अब अपने इस अनुभव का इस्तेमाल भारत में करना चाहती है. उसने इसे ‘चरण तीन’ नाम दिया है.
रीबॉक इंटरनेशनल के प्रवक्ता डेनियल सारो ने कहा, ‘तीसरे चरण के तहत वास्तविक उत्पाद का उत्पादन तथा एक टिकने वाले कारोबारी चरण का विकास किया जाएगा.’ इस चरण के तहत रीबॉक बांग्लादेश में मिले अनुभव के आधार पर एक टिकाऊ और सस्ता जूता तैयार करेगी.
यह पूछे जाने पर कि जैसा की एडिडास के मुख्य कार्यकारी अधिकारी हर्बर्ट हैनर चाहते हैं, जूते का दाम क्या एक डालर होगा, सारो ने कहा, ‘फिलहाल इस उत्पाद के दाम का पता नहीं है. हालांकि परियोजना का उद्देश्य ग्राहकों की जरूरतों के अनुरूप सस्ता उत्पाद तैयार करना है.’ बांग्लादेश में किए गए इसी तरह के प्रयासों के कंपनी को वांछित नतीजे नहीं मिले थे. कंपनी अब यह सुनिश्चित करना चाहती है कि यहां वह इन चुनौतियांे से उचित उपाय कर निपटे.