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व्हाइट हाउस में भारतीय मूल के 9 लोग कर रहे हैं काम

व्हाइट हाउस में फिलहाल भारतीय मूल के 9 लोग काम कर रहे हैं. इनमें से कुछ को सालाना एक लाख डॉलर या उससे अधिक की राशि मिल रही है. इस बात का खुलासा राष्ट्रपति बराक ओबामा के कार्यालय की ओर से जारी आधिकारिक आंकड़ों में किया गया.

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व्हाइट हाउस में फिलहाल भारतीय मूल के 9 लोग काम कर रहे हैं. इनमें से कुछ को सालाना एक लाख डॉलर या उससे अधिक की राशि मिल रही है. इस बात का खुलासा राष्ट्रपति बराक ओबामा के कार्यालय की ओर से जारी आधिकारिक आंकड़ों में किया गया.

आंकड़ों के अनुसार अमेरिकी राष्ट्रपति की उप सहायक और सोशल इनोवेशन एंड सिविक पार्टिसिपेशन कार्यालय में निदेशक सोनल शाह को सालाना एक लाख 20 हजार डॉलर मिलते हैं. विशेष परियोजना निदेशक रचना भौमिक और आदित्य कुमार के साथ-साथ आफिस ऑफ चीफ ऑफ स्टाफ के विशेष सहायक को प्रति वर्ष 99 हजार डॉलर मिलते हैं. जिन लोगों को 90 हजार डॉलर से कम तनख्वाह मिलती है उसमें अनीशा दासगुप्ता शामिल हैं. वह वकील के तौर पर काम करती हैं और उन्हें सालाना 86 हजार 927 डॉलर मिलते हैं जबकि प्रतिक्रिया नीति के निदेशक प्रदीप राममूर्ति को भी सालाना 86 हजार 927 डॉलर की राशि मिलती है.

व्हाइट हाउस के ब्लॉग पर जारी आंकड़ों के अनुसार इस बात का भी खुलासा किया गया है कि ऑफिस ऑफ इंटरगवर्नमेंटल अफेयर्स एंड पब्लिक इंगेजमेंट की नीति निदेशक कविता पटेल को सालाना 65 हजार डॉलर की राशि मिलती है जबकि व्हाइट हाउस काउन्सेल के विशेष सहायक सौमिक दत्ता को प्रति वर्ष 62 हजार डॉलर की राशि मिलती है. इसी तरह, व्हाइट हाउस की नीतिगत मामलों की सलाहकार मानसी देशपांडे को सालाना 54 हजार डॉलर की राशि मिलती है जबकि तारा रंगराजन को उप सहायक निदेशक के तौर पर उनकी सेवाओं के लिए सालाना 40 हजार डॉलर की राशि मिलती है. ये आंकड़े व्हाइट हाउस की वेबसाइट पर जारी किए गए हैं.

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