पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (संशोधन) अधिनियम-2026 को लेकर विवाद के बीच अकाल तख्त साहिब में जत्थेदारों के सामने पेश हुए. इस मामले में तख्त की तरफ से पंजाब सरकार के मंत्रियों, विधायकों और विधानसभा अध्यक्ष को एक महीने का समय दिया है. अधिनियम में जताई गई आपत्तियों और सुझाए गए बिंदुओं के आधार पर आवश्यक बदलाव किए जाने की मांग की गई है. अकाल तख्त के निर्देश पर आम आदमी पार्टी के साथ-साथ कांग्रेस, शिरोमणि अकाली दल और निर्दलीय सिख विधायक भी अकाल तख्त पहुंचे और जत्थेदारों के सामने अपना लिखित पक्ष रखा.