पंजाब के माझा क्षेत्र में गैंगवार की आग एक बार फिर भड़क उठी है. तरनतारन में सरपंच की दिनदहाड़े हत्या के मामले में अब कुख्यात लांडा हरिके गैंग ने सोशल मीडिया पर वायरल पोस्ट के जरिए जिम्मेदारी ली है. पोस्ट में दावा किया गया है कि वारदात में AK-47 समेत AK सीरीज की असॉल्ट राइफल का इस्तेमाल किया गया.
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, मौके से 9mm पिस्टल के इस्तेमाल के भी संकेत मिले हैं. इस हत्या ने इलाके में सक्रिय गैंगों की पुरानी रंजिशों को फिर सुर्खियों में ला दिया है. माझा बेल्ट में सत्ता नौशेरे (सुखविंदर नोनी), लांडा हरिके और गुरदेव गेहशाल गैंग के बीच लंबे समय से वर्चस्व की लड़ाई चल रही है. पिछले साल सत्ता नौशेरे के छोटे भाई और हैप्पी चौधरी की हत्या ने गैंगवार को और तेज कर दिया था.
सूत्रों के अनुसार, सुखविंदर नोनी ने 2024 में एक कारोबारी से कथित तौर पर फिरौती मांगी थी. इस मामले में दर्ज शिकायत में हरबिंदर संधू सह-शिकायतकर्ता था. पुलिस अब इस एंगल की भी जांच कर रही है कि क्या उसी रंजिश की कड़ी तरनतारन के सरपंच की हत्या से जुड़ती है.
यह भी पढ़ें: कानून की क्लास में कत्ल, दो सेकेंड और मौत... एकतरफा प्यार या आपसी रंजिश? जानें तरन तारन कांड की पूरी कहानी
सत्ता नौशेरे को शक था कि हैप्पी चौधरी ने गोपी नंबड़दार के जरिए रंगदारी का लिंक बनवाया था. इन आपसी आरोप-प्रत्यारोपों के बीच क्षेत्र में डौली बल गैंग की सक्रियता भी बढ़ी है, जिससे गैंगवार और हिंसक होती जा रही है.
अब लांडा हरिके गैंग द्वारा हत्या की जिम्मेदारी लेने से सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट हो गई हैं. पुलिस सोशल मीडिया पोस्ट की सत्यता की जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश में जुटी है कि वारदात में इस्तेमाल हथियारों की सप्लाई किस नेटवर्क से हुई.
तरनतारन और आसपास के इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है. अधिकारियों का कहना है कि मामले की गहन जांच जारी है और दोषियों को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा.