पंजाब के तरन तारन में उस समय दहशत फैल गई, जब प्रसिद्ध ठाकुरद्वारा मंदिर के पास एक इलेक्ट्रिक स्कूटर लावारिस हालत में खड़ा मिला. स्कूटर की डिग्गी खुली हुई थी और उसमें चाबी भी लगी थी. संदिग्ध परिस्थितियों में वाहन मिलने की सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन हरकत में आ गया और पूरे इलाके को सुरक्षा घेरे में ले लिया गया. कुछ ही देर में मंदिर के आसपास का इलाका पुलिस छावनी में तब्दील हो गया.
घटना के बाद मंदिर आने-जाने वाले श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया. पुलिस ने एहतियातन आसपास की दुकानों को बंद करवाया और लोगों की आवाजाही रोक दी. हालात को देखते हुए तुरंत अमृतसर से बम निरोधक दस्ते को भी बुलाया गया. हालांकि करीब डेढ़ से दो घंटे तक टीम मौके पर नहीं पहुंच सकी, लेकिन तब तक पुलिस ने पूरे इलाके को सील कर रखा था और किसी भी तरह का जोखिम लेने से बचती रही.

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, स्कूटर मंदिर के बेहद नजदीक खड़ा था. उसकी डिग्गी खुली होने और चाबी लगे होने के कारण लोगों को आशंका हुई कि कहीं वाहन में कोई विस्फोटक सामग्री न हो. सूचना मिलते ही पुलिस ने मौके पर पहुंचकर सुरक्षा घेरा बना दिया और आसपास मौजूद लोगों को वहां से हटाया गया.
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करीब ढाई घंटे तक चले हाई अलर्ट के बाद मामले से पर्दा उठा. वाहन का मालिक मौके पर पहुंचा, जिसकी पहचान रजत गुप्ता के रूप में हुई. रजत मंदिर से लगभग 100 मीटर की दूरी पर साइकिल बेचने का काम करता है. शुरुआती पूछताछ में उसने बताया कि वह अपना इलेक्ट्रिक स्कूटर मंदिर के पास खड़ा करके अपने एक दोस्त की कार में चला गया था. जल्दबाजी में वह स्कूटर की चाबी निकालना भूल गया और डिग्गी भी खुली रह गई.

हालांकि मामला सामान्य निकला, लेकिन पुलिस ने लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए रजत गुप्ता को हिरासत में लेकर पूछताछ की. तरन तारन के एसएसपी सुरिंदर लांबा ने बताया कि शुरुआती जांच में किसी प्रकार की आपराधिक साजिश सामने नहीं आई है, लेकिन एक लावारिस वाहन के कारण पूरे इलाके में अनावश्यक दहशत फैल गई. उन्होंने कहा कि संवेदनशील माहौल में इस तरह की लापरवाही बेहद खतरनाक साबित हो सकती है. एसएसपी ने लोगों से अपील की कि किसी भी संदिग्ध वस्तु या वाहन की सूचना तुरंत पुलिस को दें. साथ ही वाहन चालकों से भी सावधानी बरतने को कहा गया है.