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पंजाब में पराली जलाने के 870 केस, 10.55 लाख वसूला गया जुर्माना

दिल्ली के आस पास के शहरों में पराली जलाने के मामले लगातार सामने आ रहे हैं. सोमवार को पंजाब पुलिस का कहना है कि उन्होंने पिछले एक महीने में कुल 870 एफआईआर दर्ज की हैं और साथ ही उनपर 10.55 लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया गया है.

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पराली जलाते किसान (फाइल फोटो)
पराली जलाते किसान (फाइल फोटो)

दिल्ली में प्रदूषण का स्तर बद से बदतर होता जा रहा है. शहर में ग्रैप 2 लागू किया गया है जिससे उम्मीद लगाई जा रही है कि प्रदूषण में कुछ कमी आएगी. दिल्ली के आस पास के शहरों में पराली जलाने के मामले लगातार सामने आ रहे हैं. कोर्ट के लगातार आदेशों के बाद भी मामलों में इजाफा देखने को मिल रहा है. कुछ मामले पंजाब से आ रहे हैं जहां किसानों के खिलाफ पराली जलाने के मामले में एफआईआर दर्ज की गई है. 

सोमवार को पंजाब पुलिस ने बताया कि उन्होंने पिछले एक महीने में कुल 870 एफआईआर दर्ज की हैं और साथ ही उनपर 10.55 लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया गया है. इसके अलावा पराली जलाने के मामले में लगभग 400 किसानों के रेवेन्यू रिकॉर्ड को 'रेड एंट्री' में डाला गया है. रेवेन्यू रिकॉर्ड में 'रेड एंट्री' आ जाने से किसानों को जमीन में लेन देन या उनका गिरवी रखने में दिक्कतें आ सकती हैं जिससे वो अपनी फसल के लिए लोन लेते हैं. 

पराली जलाने वालों पर होगी सख्त कार्यवाही

विशेष पुलिस महानिदेशक (एसडीजीपी) अर्पित शुक्ला ने बताया कि पंजाब पुलिस ने सिविल एडमिनिस्ट्रेशन के साथ मिलकर किसानों के लिए एक खास कैंपेन चालू किया है जिसमें वो किसानों को पराली जलाने के पीछे के नुकसान के बारे में बताएंगे और साथ ही उन्हें इस बारे में भी बताएंगे कि उनके खिलाफ क्या कानूनी कार्यवाही हो सकती है अगर उन्होंने पराली जलाने की कोशिश की. उन्होंने साथ ही इस बात की भी जानकारी दी है कि जिन लोगों को पराली जलाते हुए पकड़ा गया है उनके खिलाफ कानूनी कार्यवाही शुरू कर दी गई है. 

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उन्होंने कहा, ' अभी तक 1,393 सैटेलाइट द्वारा प्रदेश में खेतों में आग लगते देखा गया है और हमने अपने लोगों को उस जगह पर जाकर वहां का इंस्पेक्शन करने भी भेज दिया है.' एसडीजीपी शुक्ला ने आगे ये भी बताया कि 15 सितंबर से पुलिस ने अभी तक 874 केस में एफआईआर दर्ज की है जिसमें 471 जगहों पर पराली जलाने का मामला सामने नहीं आया है. हालांकि डेली डायरी रिपोर्ट वाली एंट्रीज पुलिस स्टेशन में जो की गई हैं वो उन्हें परेशान कर रही हैं. पुलिस ने ये भी कहा कि अभी तक उन्होंने एफआईआर के अलावा 397 केस में 10.55 लाख रुपए का जुर्माना वसूला है और 394 किसानों के रेवेन्यू रिकॉर्ड में 'रेड एंट्री' दर्ज की है. 

सुप्रीम कोर्ट और कमिशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट (CAQM) के निर्देश अनुसार प्रदेश में पराली जलाने वाले मामले को शून्य पर लाने के लिए पंजाब के एसडीजीपी गौरव यादव ने बताया कि उन्होंने एसडीजीपी अर्पित शुक्ला को नियुक्त किया था ताकि वो मामले को अपने हाथों में लेकर इसकी जांच कर सकें. एसडीजीपी शुक्ला ने बताया कि पुलिस प्रशासन अपनी तरफ से पूरी कोशिश कर रही है कि किसान पराली ना जलाएं और प्रदूषण ना फैले. 

इसके खिलाफ क्या काम कर रही पुलिस?

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एसडीजीपी अर्पित शुक्ला का कहना है कि उनकी टीम गांव में जाकर जहां-जहां पराली जलाने वाले मामले सबसे ज्यादा पाए जाते हैं वहां के डिस्ट्रिक्ट और सब-डिस्ट्रिक्ट में किसानों को सतर्क और जागरूक बना रही है. उनकी टीम में डिप्टी कमिश्नर, सीनियर पुलिस सुपरिटेंडेंट, उप-विभाग मजिस्ट्रेट और डिप्टी सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस ने गांवों में जा जाकर किसानों से बात की और उन्हें इस मामले में जागरूक बनाया. 

उन्होंने कहा कि उन्होंने किसानों से बात करके उनको पराली जलाने के नुकसान के बारे में समझाया और बताया कि कैसे पराली ना सिर्फ हवा को प्रदूषित करेगी बल्कि उनके बच्चों और बड़े बुजुर्गों पर भी बुरा असर डालेगी. उनका कहना है कि उन्होंने पुलिस स्टेशन की जगह को देखते हुए पेट्रोलिंग पार्टियों को और बढ़ा दिया है जो और अच्छे से ध्यान रखेंगी और साथ ही फ्लाइंग स्क्वायड को आसमान से तैनात कर दिया गया है ताकि आसपास के इलाकों पर भी अच्छे से ध्यान रखा जाए. 

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