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पंजाब में ट्रेडर्स कमीशन की शुरुआत, केजरीवाल ने कहा- पिछली सरकारों ने व्यापारियों को 'चोर' समझा

पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार ने व्यापारियों और छोटे दुकानदारों के लिए 'पंजाब राज्य ट्रेडर्स कमीशन' की शुरुआत की है. एस.ए.एस. नगर में हुई पहली बैठक में अरविंद केजरीवाल और सीएम भगवंत मान ने इसे व्यापारिक सुधारों की दिशा में क्रांतिकारी कदम बताया.

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अरविंद केजरीवाल और पंजाब सीएम भगवंत ने जनता को संबोधित किया. (Photo: ITG)
अरविंद केजरीवाल और पंजाब सीएम भगवंत ने जनता को संबोधित किया. (Photo: ITG)

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान और 'आप' के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने शुक्रवार को एस.ए.एस. नगर में पंजाब राज्य ट्रेडर्स कमीशन की पहली बैठक की अध्यक्षता की. सरकार का दावा है कि इस पहल का मकसद कई साल से चली आ रही व्यापारियों की उपेक्षा और नौकरशाही की अड़चनों को खत्म करना है. 

सूबे की सरकार ने प्रशासन को सीधे बाजारों तक पहुंचाने का फैसला लिया है, जिससे दुकानदारों को दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें. यह कमीशन टैक्स प्रणाली को सरल बनाने और अनावश्यक प्रक्रियागत बाधाओं को दूर करने का काम करेगा.

मुख्यमंत्री भगवंत मान ने दुकानदारों को अर्थव्यवस्था की रीढ़ और सच्चा देशभक्त बताते हुए उनके सम्मान की रक्षा का भरोसा दिलाया. अरविंद केजरीवाल ने कहा कि यह कमीशन राज्य, जिला और विधानसभा स्तर पर काम करेगा, जिसमें स्थानीय पुलिस, प्रशासन और खुद व्यापारी शामिल होंगे. इस व्यवस्था के जरिए 90 फीसदी स्थानीय समस्याओं का समाधान मौके पर ही सुनिश्चित किया जाएगा.

'टैक्स आतंकवाद से मुक्ति...',

अरविंद केजरीवाल ने जनता को संबोधित करते हुए पिछली सरकारों पर तंज किया. उन्होंने कहा कि अब तक सरकारों ने व्यापारियों को हमेशा 'चोर' की नज़र से देखा और उन्हें केवल टैक्स वसूलने का जरिया माना. केजरीवाल ने मौजूदा जीएसटी सिस्टम को 'टैक्स आतंकवाद' करार देते हुए कहा कि वे इसे अभी नहीं बदल सकते, लेकिन भविष्य में केंद्र में सरकार बनने पर देश को जीएसटी से मुक्ति दिलाएंगे. उन्होंने अपना निजी अनुभव साझा करते हुए बताया कि वे खुद एक व्यापारी परिवार से हैं और किराने की दुकान चलाने के संघर्ष और जोखिमों को समझते हैं.

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नए कमीशन के ढांचे की जानकारी देते हुए केजरीवाल ने बताया, "हलका (विधानसभा) स्तर की कमेटियां बाजारों में जाकर दुकानदारों से मिलेंगी. ये कमेटियां टूटी सड़कें, पेयजल, शौचालय की कमी और कानून-व्यवस्था जैसे मुद्दों पर चर्चा करेंगी. जो मसले स्थानीय स्तर पर हल नहीं होंगे, उनके लिए राज्य सरकार को नीतिगत सिफारिशें भेजी जाएंगी."

मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि उनकी सरकार ने सियासत की परिभाषा बदल दी है और अब सत्ता दफ्तरों से नहीं बल्कि गांवों और कस्बों से चल रही है.

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'भ्रष्टाचार पर लगाम और राजस्व में बढ़ोतरी...' 

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने अपनी सरकार की उपलब्धियों को गिनाते हुए कहा कि अब तक 61 हजार से ज्यादा युवाओं को योग्यता के आधार पर नौकरियां दी गई हैं. उन्होंने बताया कि 17 टोल प्लाजा बंद करने से जनता के रोजाना 64 लाख रुपये बच रहे हैं. सीएम मान ने चेतावनी दी है कि धार्मिक फंड या जनता का पैसा हड़पने वाले 'पापियों' को बख्शा नहीं जाएगा. उन्होंने व्यापारियों से राज्य की अर्थव्यवस्था को गति देने के लिए एक विस्तृत रोडमैप तैयार करने की अपील की और कहा कि बढ़ा हुआ राजस्व पंजाब के विकास पर ही खर्च होगा.

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'देश में पहली बार...'

AAP के सीनियर नेता मनीष सिसोदिया ने कहा, "देश में पहली बार व्यापारियों को सही अर्थों में सशक्त बनाया जा रहा है." उन्होंने जोर दिया कि कमीशन के सदस्य खुद व्यापारिक बैकग्राउंड से हैं, इसलिए वे समस्याओं को बेहतर समझते हैं. 

सिसोदिया ने उम्मीद जताई कि यह मॉडल पूरे देश के लिए एक मिसाल बनेगा. सरकार का लक्ष्य है कि अगले तीन महीनों में पंजाब के सभी बाजारों में बैठकों का एक दौर पूरा करके समस्याओं का स्थायी समाधान निकाला जाए.

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