पंजाब में किसान मजदूर मोर्चा (KMM) ने गेहूं खरीद में देरी से नाराज होकर शुक्रवार (17 अप्रैल) को ट्रेनें रोकने का ऐलान किया है. इसके तहत किसान राज्य के 18 जिलों में दोपहर 12 बजे से 3 बजे तक तीन घंटे के लिए ट्रेनों को रोकेंगे.
केंद्रीय एजेंसियों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए किसान संगठनों (SKM, AKM और KKM) ने कहा कि गेहूं की खरीद में दो हफ्ते की देरी से मंडियों में किसानों को भारी परेशानी हो रही है. बड़ी मात्रा में फसल बिना बिक्री पड़ी है, जिससे किसानों को आर्थिक नुकसान और मानसिक तनाव का सामना करना पड़ रहा है.
किसान नेताओं ने केंद्र और पंजाब सरकार से तुरंत खरीद प्रक्रिया शुरू करने की मांग की है. उन्होंने चेताते हुए कहा कि उनकी मांगें पूरी नहीं होने पर आंदोलन तेज किया जाएगा.
इस बीच किसानों के ऐलान के बाद केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने कहा कि पंजाब में बेमौसम बारिश के कारण गेहूं के दानों के रंग और आकार पर असर पड़ा है. इस वजह से भारतीय खाद्य निगम (FCI) ने खरीद मानकों में ढील देने की सिफारिश की है.
बिट्टू ने कहा कि सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसानों को मंडियों में किसी तरह की दिक्कत न हो. उनकी फसल का हर दाना सही दाम पर खरीदा जाए.
हालांकि, केंद्रीय मंत्री के ऐलान का किसान संगठनों पर कोई असर नहीं पड़ा. किसानों ने अपना फैसला नहीं बदला. उनका कहना है कि रेल रोको आंदोलन अपने तय कार्यक्रम के अनुसार जारी रहेगा.