पंजाब में मोगा के गांव जनेर स्थित सरकारी नशा मुक्ति केंद्र से बुधवार शाम 7.30 बजे करीब 28 से 30 मरीज स्टाफ के साथ बदसलूकी और धक्का-मुक्की करने के बाद गेट के ताला तोड़ कर फरार हो गए. घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और मामले की तफ्तीश में जुट गई है.
जानकारी के अनुसार, थाना कोट इसे खां के अंतर्गत आने वाले गांव जनेर के सरकारी नशा मुक्ति केंद्र में बुधवार शाम करीब 7.30 बजे अचानक माहौल गरमा गया. सेंटर में उपचाराधीन मरीजों की किसी बात को लेकर वहां तैनात स्टाफ सदस्यों के साथ तीखी बहस हो गई. बहस इतनी बढ़ गई कि मरीजों ने स्टाफ के साथ धक्का-मुक्की शुरू कर दी और उन्हें पीछे धकेलते हुए गेट के ताला तोड़ कर मुख्य गेट से बाहर भाग निकले.
सेंटर में भर्ती थे कुल 95 मरीज
बताया जा रहा है कि इस सरकारी नशा मुक्ति केंद्र में कुल 95 मरीज अपना इलाज करवा रहे थे. इनमें से करीब 28 से 30 युवक मौका पाकर वहां से भागने में कामयाब रहे, जबकि बाकी मरीज केंद्र में ही मौजूद हैं. सारे घटना सेंटर में लगे सीसीटीवी में कैद हो गई हे .सूचना मिलते ही कोट इसे खां थाने की पुलिस और उच्चाधिकारी तुरंत मौके पर पहुंचे. पुलिस ने फरार हुए युवकों की तलाश के लिए आसपास के इलाकों और उनके घरों पर नजर रखनी शुरू कर दी है. सेंटर के आसपास लगे कैमरों को चेक किया जा रहा है ताकि यह पता चल सके कि मरीज किस दिशा में भागे हैं. पुलिस ने सेंटर के कर्मचारियों के बयान दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है.
सिक्योरिटी गार्ड्स ने बताया कि उनके ऊपर युवकों ने हमला किया बाद में गेट तोड़ कर भागे मौके पर ही कुछ मरीजों को पकड़ लिया गया, 30 के करीब युवक भागने में कामयाब हो गया
Input: तनमय समांता