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'नए नहीं, पुराने विमान जोड़-तोड़ कर उड़ाए जा रहे', प्लेन क्रैश के बाद को-पायलट स्वराजदीप सिंह के परिजनों का फूटा गुस्सा

झारखंड में एयर एंबुलेंस क्रैश में अमृतसर के को-पायलट स्वराजदीप सिंह सहित सात लोगों की मौत हो गई. परिवार ने विमानन सुरक्षा पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि पुराने और रिपेयर किए गए विमानों का इस्तेमाल खतरनाक है. उन्होंने सरकार से सख्त जांच और उड़ान से पहले पूरी तकनीकी जांच सुनिश्चित करने की मांग की है.

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रोते-बिलखते को-पायलट स्वराजदीप सिंह के परिजन (Photo: Screengrab)
रोते-बिलखते को-पायलट स्वराजदीप सिंह के परिजन (Photo: Screengrab)

झारखंड में हुए एयर एंबुलेंस हादसे में अमृतसर के को-पायलट स्वराजदीप सिंह की मौत हो गई. इस हादसे में विमान में सवार सभी सात लोगों की जान चली गई. घटना के बाद परिवार ने विमानन सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं. 

पीड़ित परिवार का कहना है कि आजकल नए विमान लाने की बजाय पुराने विमानों को रिपेयर करवा कर उड़ाया जा रहा है. उन्होंने आरोप लगाया कि जोड़-तोड़ कर तैयार किए गए विमानों पर उड़ानें भरवाई जा रही हैं, जो बेहद खतरनाक है. परिवार के सदस्यों ने कहा कि रिपेयर किए गए विमानों का कोई भरोसा नहीं होता. अगर कोई तकनीकी खामी रह जाए तो बड़ा हादसा हो सकता है.

एयर एंबुलेंस क्रैश के बाद विमान सुरक्षा पर उठे सवाल

परिवार ने यह भी कहा कि नए तरीकों से काम करने की जगह पुराने तरीके अपनाए जा रहे हैं, जिससे यात्रियों और स्टाफ की जान खतरे में पड़ रही है. उन्होंने सरकार से मांग की कि हर उड़ान से पहले विमान की पूरी तकनीकी जांच अनिवार्य की जाए. परिवार ने भावुक शब्दों में कहा कि आज यह हादसा उनके साथ हुआ है, कल किसी और के साथ भी हो सकता है.

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रांची में स्वराजदीप सिंह के अंतिम संस्कार में विधायक डॉ. इंदरबीर सिंह निज्जर शामिल हुए. उन्होंने कहा कि परिवारों ने बच्चों को पाला, उन पर पैसा और प्यार लगाया, लेकिन इस तरह की घटना पूरे समाज के लिए बड़ा सदमा है.

सात जिंदगियां गईं, जवाबदेही तय करने की मांग तेज

डॉ. निज्जर ने व्यवस्था में कमियों की बात करते हुए कहा कि कई एविएशन कंपनियों के पास पर्याप्त स्पेयर पार्ट्स और प्रशिक्षित स्टाफ नहीं है. स्टाफ की कमी के कारण काम किस्मत के भरोसे छोड़ दिया जाता है, जो ठीक नहीं है. उन्होंने सरकार से सख्त निगरानी और कार्रवाई की मांग की.
 

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