पंजाब के जालंधर और अमृतसर धमाकों को लेकर सियासत तेज हो गई है. मुख्यमंत्री भगवंत मान द्वारा भाजपा पर लगाए गए आरोपों के खिलाफ जालंधर में भाजपा नेताओं ने प्रदर्शन किया. भाजपा ने कहा कि DGP पाकिस्तान और ISI की भूमिका बता रहे हैं, जबकि मुख्यमंत्री भाजपा को दोषी ठहरा रहे हैं. नेताओं ने आरोप साबित करने या मुख्यमंत्री पर FIR दर्ज करने की मांग की.
पंजाब के जालंधर और अमृतसर में हुए धमाकों को लेकर पंजाब की राजनीति पूरी तरह गरमा गई है. मुख्यमंत्री भगवंत मान द्वारा इन धमाकों के पीछे भाजपा का हाथ होने के आरोप लगाने के बाद शुक्रवार को जालंधर में भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया. भाजपा नेता पुलिस कमिश्नर कार्यालय में शिकायत देने पहुंचे थे, लेकिन इस दौरान पुलिस द्वारा गेट बंद किए जाने पर माहौल तनावपूर्ण हो गया और भाजपा कार्यकर्ताओं व पुलिस के बीच धक्का-मुक्की भी हुई. इसके बाद भाजपा नेताओं ने पुलिस कमिश्नर को मांगपत्र सौंपते हुए मुख्यमंत्री भगवंत मान के खिलाफ कार्रवाई की मांग की.
BJP नेताओं का CM मान पर बड़ा हमला
प्रदर्शन में पूर्व मंत्री मनोरंजन कालिया, पूर्व सांसद सुशील रिंकू, पूर्व विधायक शीतल अंगुराल, जिला भाजपा अध्यक्ष सुशील शर्मा, पूर्व विधायक केडी भंडारी सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे. भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया कि पंजाब सरकार तानाशाही रवैया अपना रही है.
उन्होंने कहा कि एक तरफ पंजाब के DGP गौरव यादव बयान दे रहे हैं कि धमाकों में पाकिस्तान और ISI का हाथ है, जबकि दूसरी तरफ मुख्यमंत्री भगवंत मान भाजपा पर आरोप लगा रहे हैं. भाजपा नेताओं ने इसे “घिनौनी राजनीति” करार देते हुए कहा कि भाजपा हमेशा सेना और देश की सुरक्षा एजेंसियों का सम्मान करती आई है.
मनोरंजन कालिया बोले- “CM और DGP में कोई एक झूठ बोल रहा”
पूर्व मंत्री मनोरंजन कालिया ने कहा कि भाजपा ने पुलिस कमिश्नर को ज्ञापन सौंपा है और मांग की है कि मुख्यमंत्री भगवंत मान अपने आरोप साबित करें. उन्होंने कहा कि पंजाब पुलिस और NIA जांच कर रही हैं और DGP खुद कह चुके हैं कि इस घटना में पाकिस्तान-ISI का हाथ हो सकता है. ऐसे में मुख्यमंत्री द्वारा भाजपा पर आरोप लगाना बेहद गैर-जिम्मेदाराना है.
कालिया ने कहा कि अगर मुख्यमंत्री सही हैं तो भाजपा नेताओं को गिरफ्तार किया जाए, और अगर आरोप साबित नहीं होते तो मुख्यमंत्री के खिलाफ FIR दर्ज होनी चाहिए. उन्होंने यह भी कहा कि पाकिस्तान अब मुख्यमंत्री के बयान का इस्तेमाल यह कहने के लिए करेगा कि इन धमाकों में उसका हाथ नहीं है. भाजपा नेताओं ने इसे देशहित के खिलाफ बयान बताया.
सुशील रिंकू ने कहा- “यह बयान देशद्रोह जैसा”
पूर्व सांसद सुशील रिंकू ने मुख्यमंत्री के बयान को बेहद गंभीर बताते हुए कहा कि भाजपा वह पार्टी है, जिसने ऑपरेशन सिंदूर जैसे मिशनों के जरिए पाकिस्तान को करारा जवाब दिया है. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को यह नहीं भूलना चाहिए कि वह पंजाब के मुख्यमंत्री हैं, कोई “स्टेज शो” नहीं कर रहे. उनके शब्दों के गंभीर परिणाम हो सकते हैं. रिंकू ने कहा कि अगर मुख्यमंत्री अपने आरोप साबित नहीं कर पाते तो उन्हें पंजाब की जनता और भाजपा से माफी मांगनी चाहिए.
BJP की मांग- CM पर भी दर्ज हो FIR
भाजपा नेताओं ने कहा कि यदि विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा के बयान पर FIR दर्ज हो सकती है, तो मुख्यमंत्री भगवंत मान पर भी मामला दर्ज होना चाहिए. भाजपा ने साफ कहा कि या तो सरकार अपने आरोप साबित करें या फिर मुख्यमंत्री के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए. जालंधर BSF मुख्यालय और अमृतसर आर्मी कैंप के पास हुए धमाकों के बाद पंजाब पहले ही हाई अलर्ट पर है.
ऐसे में मुख्यमंत्री और भाजपा के बीच तीखी बयानबाजी ने राजनीतिक माहौल को और गरमा दिया है. अब सबकी नजर जांच एजेंसियों की रिपोर्ट और आने वाले राजनीतिक घटनाक्रम पर टिकी हुई है.
(इनपुट- देविंदर कुमार)